Friday, March 13

Throw Ball: अलीगढ़ के जट्टारी के रहने वाले कक्षा छह के छात्र निकुंज उन बच्चों में है, जो इस समय अपनी उम्र से कहीं ज्यादा जिम्मेदारी निभा रहे हैं। क्यूंकि वह दिन में अपने स्कूल में जाता है और फिर रात होते ही उसकी जिंदगी बदल जाती है। इसके बाद फिर रात में वह स्कूल बैग की जगह अंडे का ठेला संभालता है। इस बीच चाहे ठंड, गर्मी, बरसात-कुछ भी हो, वह रोज ठेला जरूर लगता है, जिससे वह अपनी स्कूल की फीस भर सके और अपने घर का खर्च उठा पाए।

जानिए कौन है जट्टारी के रहने वाले निकुंज :-

Throw Ball
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अलीगढ़ के जट्टारी के रहने वाले कक्षा छह के छात्र निकुंज उन बच्चों में है, जो इस समय अपनी उम्र से कहीं ज्यादा जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस बीच वह अपने स्कूल के साथ-साथ कमाता भी है और अपने घर का पूरा खर्च भी उठता है। क्यूंकि इस समय वह दिन में स्कूल पढाई करने के लिए जाता है। इसके बाद फिर रात होने ही उसका काम बदल जाता है और वह रात होते ही अंडे का ठेला लगाता है।

नेशनल थ्रो बॉल में हुआ निकुंज का चयन :-

इसके अलावा खेल के प्रति लगन के चलते हुए अब उसका चयन भारत की नेशनल थ्रो बॉल के लिए हुआ है। इस बार यह प्रतियोगिता आगामी 26 से 28 दिसंबर तक स्कॉलर पब्लिक स्कूल वाराणसी में आयोजित होने वाली है। इसके अलावा उसके पिता बचपन में ही साथ छोड़कर चले गए थे। तब इसके बाद पूरे घर की जिम्मेदारी उसकी मां के कंधों पर आ गई थी।

Throw Ball
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इसके बाद निकुंज की मां ने लोगों के घरों में घरेलू सहायिका बनकर चारों बच्चों को पाला है। वहीं इन चारों बच्चों में से वह सबसे छोटा है। वहीं अब वह दिन में स्कूल जाता है, लेकिन रात होते ही उसकी जिंदगी बदल जाती है। क्यूंकि रात में वह स्कूल बैग की जगह अंडे का ठेला संभालता है। इस बीच चाहे ठंड, गर्मी, बरसात-कुछ भी हो, वह रोज ठेला जरूर लगाता है ताकि अपनी स्कूल फीस भर सके और घर का खर्च उठा सके।

इसके अलावा अपनी इतनी छोटी सी उम्र में उसका हौसला और मेहनत बड़े-बड़ों को भी मात देता है। वहीं इसी दौरान उसने अपने खेल के हुनर को भी पहचाना और तभी से वह थ्रो बॉल खेलने लगा था। इसके बाद अब हरसुख सिंह स्पोर्ट्स एकेडमी की सचिव जीनत अली ने हमें बताया है कि वह एसडी पब्लिक स्कूल जट्टारी में कक्षा छह का छात्र है। इसके अलावा वह एक होनहार खिलाड़ी भी है।

Throw Ball
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तभी तो इसके चलते हुए हम उसको यहां पर नि:शुल्क प्रशिक्षण देते हैं। इसके चलते हुए उसकी मेहनत और प्रतिभा ने उसके सपनों को अब एक नई उड़ान दी है। इसके चलते हुए ही अब उसका नेशनल थ्रो बॉल प्रतियोगिता में भी चयन हो गया है। इस समय उसका यह चयन न केवल उसके परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए गर्व की बात है। इस बीच अब हमें उसकी यह कहानी बताती है कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों तो भी हौसला और मेहनत अपना रास्ता बना ही लेती है।

जानिए क्या है थ्रो बॉल :-

थ्रोबॉल एक गैर-संपर्क टीम खेल है जो एक आयताकार कोर्ट पर नेट के ऊपर से एक गेंद फेंककर खेला जाता है। इसमें सात खिलाड़ियों की दो टीमें होती हैं, और यह वॉलीबॉल के समान है, लेकिन गेंद को पकड़ा और फेंका जाता है न कि मारा जाता है। इसके अलावा यह खेल एशिया में, विशेष रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में लोकप्रिय है और अक्सर महिलाओं के खेल के रूप में खेला जाता है। लेकिन इस मौजूदा समय में अब यह पुरुषों के लिए भी खेला जाता है।

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Sports Content Writer लाखन सैनी (Lakhan Saini) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में लिखने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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