ISSF Junior World Cup: मिस्र के काहिरा में चल रहे इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) जूनियर वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन में भारत की प्राची गायकवाड़ ने जूनियर महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन (3पी) इवेंट में गोल्ड मेडल जीत लिया है। इस टूर्नामेंट के फाइनल में उन्होंने 354.6 का स्कोर किया और व्यक्तिगत तटस्थ एथलीट (एआईएन) डारिया चुप्रीस को हराया है। क्यूंकि डारिया चुप्रीस ने केवल 354.4 का स्कोर किया था।
इसके अलावा एक अन्य एआईएन निशानेबाज एलेना क्रेटिनिना ने 343.3 के स्कोर के साथ इस बार ब्रॉन्ज मेडल जीता है। क्यूंकि वह इस 35-शॉट के फाइनल मैच से केवल 34वें शॉट के बाद ही बाहर हो गई थी। इसके अलावा भारतीय पुरुष निशानेबाज नारायण प्रणव ने भी जूनियर पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में फाइनल में 229.5 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता है।
मेडल टेली में शीर्ष पर पहुंचा भारत :-
इसके अलावा इस प्रतियोगिता के पहले दिन यानि बीते मंगलवार 21 अप्रैल को शिवा नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं अब आज इसके बाद भारत के खाते में यह दूसरा गोल्ड मेडल आया है। इसके चलते हुए अब भारत दो गोल्ड, चार सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल के साथ एक बार फिर मेडल टैली में टॉप पर पहुंच गया है।

इसके अलावा प्राची ओलंपिक इंटरनेशनल सिटी शूटिंग रेंज में जूनियर महिलाओं के 3पी फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाली अकेली भारतीय थीं। वहीं इस बार उन्होंने कुल 578 के स्कोर के साथ छठा स्थान हासिल किया था और फिर फाइनल की शुरुआत में नीलिंग पोजीशन में वह पहले 10 शॉट के बाद पांचवें स्थान पर रहीं थी। इसके बाद फॉर वह प्रोन राउंड के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गईं और उस समय आगे चल रही डारिया से सिर्फ 0.6 पीछे थीं।

इसके बाद फिर फाइनल स्टैंडिंग पोजीशन के पहले पांच शॉट में 50+ रिटर्न के साथ वह मैच में पहली बार आगे निकलने में सफल रहीं थी। लेकिन फिर एक बार दरिया ने वापसी की और अगले पांच शॉट में 51.0 का स्कोर किया। जबकि भारत की प्राची चार बार 10-रिंग से चूक गईं थी। इसके बाद वह अपने आखिरी पांच शॉट बाकी रहते हुए कुछ देर के लिए तीसरे स्थान पर आ गईं। तब उनकी इस छोटी सी हार ने भारतीय खिलाड़ी का हौसला नहीं तोड़ा और उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण समय पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
इसके बाद उन्होंने 10-रिंग में चार बार निशाना लगाया था इसमें दो हाई 10 भी शामिल थे। इस बीच दरिया से 0.2 के अंतर से जीत हासिल की थी। जबकि जूनियर पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में तीन भारतीयों ने कट बनाया था। इसमें नारायण का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा और वह 630.9 स्कोर के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे। जबकि अभिनव शॉ 630.0 के साथ चौथे स्थान पर रहे थे। जबकि दिव्यांशु देवांगन ने 626.8 के स्कोर के साथ सातवां क्वालिफाइंग स्थान हासिल किया था।

इसके बाद फाइनल में दिव्यांशु 24-शॉट के फाइनल में 12 शॉट के बाद 122.4 के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर रहकर बाहर होने वाले पहले खिलाड़ी रहे थे। लेकिन तब अभिनव और नरेन तीसरे स्थान के लिए मुकाबला कर रहे थे। जबकि उज्बेक जावोहिर सोखिबोव पहले और साइप्रस के अकिलियास सोफोक्लियस दूसरे स्थान पर थे। इसके बाद फिर नरेन ने 10.7 और उसके बाद परफेक्ट 10.9 का स्कोर किया था। इसके बाद फिर वह अब अभिनव के पीछे छूटने पर सोफोक्लियस को सिल्वर के लिए चुनौती दे रहे थे।

इसके अलावा निशानेबाज सोखिबोव पहुंच से बाहर लग रहे थे। जबकि अभिनव के पास 20वें राउंड में नरेन की बराबरी करने के लिए 0.6 का स्कोर था। लेकिन 9.9 के पुट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। इसके चलते हुए नरेन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। क्यूंकि तब वह 22वें शॉट के बाद ग्रीक खिलाड़ी से 0.4 से पीछे रह गए थे। जबकि सोखिबोव ने 251.2 के साथ गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा वंशिका चौधरी, सेजल कांबले और कनक ने जूनियर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में भी जगह बनाई है। क्यूंकि उन्होंने 579, 577 और 576 के स्कोर के साथ लीडरबोर्ड की टॉप तीन पोजीशन पर अपना कब्जा किया है।
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