Thursday, June 18

Chess: भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी ने पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालातों के चलते इसी महीने के अंत में साइप्रस में होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से हटने का फैसला लिया है। इसके बाद उन्होंने कहा है कि युद्धपोतों से घिरे रहते हुए शांतिपूर्वक खेलना हमारे लिए अब संभव नहीं है। इस बीच उन्होंने अपने फैसले पर अडिग रहते हुए बताया है कि उन्हें किसी तरह के जुर्माने का डर नहीं है। क्यूंकि इस समय उनके लिए आर्थिक लाभ से ज्यादा सुरक्षा ज्यादा महत्वपूर्ण है।

28 मार्च से साइप्रस में खेला जाएगा यह टूर्नामेंट :-

Koneru Humpy
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इसके अलावा विश्व चैंपियनशिप के खिताबों के लिए चुनौती पेश करने वाले खिलाड़ियों का फैसला करने वाला यह कैंडिडेट्स टूर्नामेंट इस बार आगामी 28 मार्च से खेला जाएगा। इसके अलावा पुरुष वर्ग का खिताब भारत के डी गुकेश के पास है जबकि महिला वर्ग का खिताब चीन की जू वेनजुन के पास है।

युद्ध जैसे हालातों पर हंपी ने जताई है चिंता :-

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इसके अलावा उन्होंने बीते सोमवार को समाचार एजेंसी पीटीआई से अपने फैसले को लेकर बात की थी। तब उन्होंने कहा था कि, “आप युद्धपोतों से घिरे होने पर नहीं खेल सकते हैं। वहीं इस बीच अगर मुझ जैसी विदेशी महिला को इतनी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता के लिए यात्रा करनी पड़े तो मैं इसमें बिना किसी डर और एकाग्रता से कैसे खेल सकती हूं।”

अब हंपी पर लग सकता है जुर्माना :-

इसके अलावा इस समय हंपी 16 प्रतिभागियों (ओपन वर्ग में आठ और महिला वर्ग में आठ) में से नाम वापस लेने वाली अकेली खिलाड़ी हैं। इस बीच उनके इस कदम के चलते हुए उन पर भारी आर्थिक जुर्माना लगने की संभावना है। लेकिन इस खिलाड़ी ने कहा है कि उन्हें जुर्माने का डर नहीं है। इसके बाद उन्होंने कहा कि, “देखिए, यही तो मसला है। इसीलिए वे (अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ यानी फिडे) इस तरह का जुर्माना रखते हैं, ताकि खिलाड़ी तथ्य न बोलें। लेकिन फिर भी मुझे इसका डर नहीं है। मैं सिर्फ पैसे या आर्थिक लाभ के लिए नहीं खेल रही हूं। मुझे बस खेल में आनंद आता है।”

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इसके बाद उन्होंने कहा कि कैडिंडेट्स टूर्नामेंट को एक महीने के लिए स्थगित किया जा सकता था या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता था। इसके चलते हुए तब इस खेल पर कोई भी फर्क नहीं पड़ता। क्यूंकि पिछले साल महिला विश्व कप में उपविजेता रहने के बाद कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने वाली दिग्गज खिलाड़ी ने अब कहा है कि, “वे इस टूर्नामेंट को दुनिया में कहीं भी आयोजित कर सकते थे। लेकिन अगर वे साइप्रस में ही इसे आयोजित करने पर अड़े थे तो वे स्थिति को और सामान्य होने का इंतजार कर सकते थे।”

हंपी को परिवार का मिला है समर्थन :-

Koneru Hampi
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इसके आगे कोनेरू हंपी ने कहा है कि उनके इस फैसले में उनके परिवार का पूरा समर्थन है। इसके आगे उन्होंने कहा कि, “साइप्रस, लेबनान और इजराइल के बहुत करीब है। इस द्वीप पर ब्रिटेन के एक अड्डे पर ड्रोन हमले की पुष्टि भी हुई है। इसके चलते हुए साइप्रस के राष्ट्रपति ने खुद अभी हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ हुई चर्चा में द्वीप पर ब्रिटेन के अड्डे को लेकर चिंता व्यक्त की थी।” इसके आगे उन्होंने कहा कि, “इस देश के राष्ट्रपति अगर खुद यूरोपीय संघ में चिंता जता रहे हैं तो मुझ जैसी विदेशी खिलाड़ी और महिला के लिए द्वीप की यात्रा को लेकर आशंकित होना क्या गलत है।”

हंपी की जगह यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक को मिला है मौका :-

Anna Muzychuk
Anna Muzychuk

इसके बाद अब यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक को साइप्रस में होने वाले आगामी कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में कोनेरू हम्पी की जगह शामिल किया गया है। इसके बाद फिडे ने एक बयान में कहा है कि, “इस टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार हंपी की जगह महिला इवेंट्स सीरिज 2024-25 में अगला सर्वश्रेष्ठ स्थान पाने वाली खिलाड़ी को दी गई है। क्यूंकि इसने अभी तक इसके लिए क्वालिफाई नहीं किया है। वहीं अब यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक यह टूर्नामेंट खेलेंगी।” इसके अलावा वह महिला विश्व रैपिड चैम्पियन (2016) और दो बार महिला विश्व ब्लिट्ज चैम्पियन (2014 और 2016) रह चुकी हैं।

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Sports Content Writer लाखन सैनी (Lakhan Saini) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में लिखने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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