Monday, February 16

Special Olympic Bharat: ‘टेंशन लेने का नहीं, टेंशन देना है।’ ये डायलॉग आपने हिंदी फिल्म में देखा होगा। लेकिन क्या आपने किसी मंत्री के मूंह से ऐसा सूना है? अगर नहीं तो हम आज एक ऐसे मंत्री के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने मंच से इस डायलॉग को को बोला और अब इसकी हर जगह चर्चा हो रही है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर ये किसने और किस लिए बोला?

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ‘टेंशन लेना नहीं, टेंशन देना है।’ उनके इस बयान के बाद एक बार तो लोग एक दूसरे की ओर देखते रह गए, लेकिन तुरंत ही खेल मंत्री ने कहा कि उनका आशय यह है कि देश के खिलाड़ी बिना कोई तनाव लिए खूब अच्छी तरह खेलें और देश के लिए ज्यादा से ज्यादा मेडल जीतें। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी दबाव मुक्त होकर अपना खेल खेल सकें, इसके लिए केंद्र सरकार के स्तर पर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

दरअसल, हिंदुस्तान के विशेष खिलाड़ियों को स्पेशल ओलंपिक भारत के तहत बर्लिन ओंलिपिक के लिए रवाना होने के लिए एक आयोजन किया गया था। इस आयोजन को सेंड ऑफ सेरेमनी का नाम दिया गया था और केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने यहां पर खिलाड़ियों को संबोधित किया। इस दौरान ठाकुर ने वर्तमान की केंद्र सरकार के द्वारा खेल के लिए गठित किए गए बजट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बाताया कि सरकार ने इस बार खेल बजट को तीन गुना बढ़ा दिया है। इसके अलावा कहा कि पीएम मोदी खुद खेल को बहुत ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। यही कारण है कि खेल के क्षेत्र में हमारा देश लगातार आगे बढ़ रहा है। पहले खिलाड़ियों का काफी दबाव के साथ खेलना पड़ता था। लेकिन अब सरकार ने इन समस्याओं को खत्म किया है।

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साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

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