Andy Murray: ब्रिटेन के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी एंडी मरे ने अपने रिटायरमेंट के बाद के कोचिंग अनुभव को लेकर खुलकर बात की है। इस बीच उन्होंने कहा है कि वह भविष्य में फिर से कोचिंग करना चाहते हैं, लेकिन अभी नहीं। क्यूंकि दिग्गज टेनिस खिलाड़ी जोकोविच के साथ काम करने के अनुभव ने उन्हें काफी कुछ सिखाया है। इसके अलावा उन्होंने अपने टेनिस करियर को बिना पछतावे के खत्म करने पर भी संतोष जताया है।
कोचिंग अनुभव को लेकर खुलकर बोले एंडी मरे :-
ब्रिटेन के महान टेनिस खिलाड़ी एंडी मरे ने अपने रिटायरमेंट के बाद के कोचिंग अनुभव को लेकर खुलकर बात की है। वहीं इस दौरान उन्होंने यह भी साफ किया है कि वह भविष्य में फिर से कोचिंग करना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल वह इस जिम्मेदारी के लिए अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है।

इसके अलावा उन्होंने अपने रिटायरमेंट के बाद कुछ समय के लिए नोवाक जोकोविच के साथ भी काम किया था। इसके चलते हुए उन्होंने अपने इस अनुभव को सीखने वाला भी बताया है। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा है कि, “जोकोविच ने शायद मुझसे कुछ नहीं सीखा, लेकिन मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं दोबारा कोचिंग करना चाहूंगा, लेकिन शायद अभी नहीं।”
मरे को इस कोचिंग अनुभव से मिली नई सीख :-

ब्रिटेन के महान टेनिस खिलाड़ी मरे ने अब बताया है कि एक खिलाड़ी से कोच बनने का सफर काफी अलग होता है। इसके बाद उन्होंने कहा कि जोकोविच के साथ काम करने के दौरान उन्हें उनके खेल और रोजमर्रा की तैयारी को करीब से समझने का मौका भी मिला है। इसके बाद उन्होंने कहा कि, “मैं उनके खेल के बारे में पहले से काफी जानता था, क्योंकि वर्षों तक उनके खिलाफ खेला हूं। लेकिन कोच के तौर पर उनकी दिनचर्या को देखना एक अलग अनुभव था।”
कोचिंग में कम्युनिकेशन है सबसे बड़ा हथियार :-
इस बीच अब एंडी मरे ने यह बात भी स्वीकार की है कि कोचिंग में सबसे अहम चीज खिलाड़ी के साथ संवाद और समझ होती है। इसके बाद उन्होंने बताया कि एक पिता होने के नाते उनकी सोच में बदलाव आया है। इसके बड़ा उन्होंने कहा कि, “कोचिंग में यह जरूरी है कि आप अपने खिलाड़ी को समझें और उसकी बात सुनें। मुझे लगता है कि बच्चों के साथ समय बिताने से मैं ज्यादा समझदार बना हूं।”
टीम का हिस्सा बनने का मिला अनुभव :-

इसके बाद एंडी मरे ने कहा कि जब आप खिलाड़ी होते हैं तो पूरी टीम आपके लिए काम करती है। लेकिन कोच के तौर पर आप टीम का एक छोटा हिस्सा होते हैं। इस उन्होंने यह समझाया कि, “कोचिंग में आप टीम के साथ मिलकर काम करते हैं, जहां आपका मकसद एक खिलाड़ी को बेहतर बनाना होता है।” इसके बाद उन्होंने नोवाक जोकोविच का समर्थन करते हुए कहा है कि वह 25वां ग्रैंड स्लैम जीतने की अभी भी क्षमता रखते हैं।
मैंने बिना पछतावे लिया था संन्यास :-
इसके बाद अपने टेनिस करियर को लेकर मरे ने कहा है कि उन्होंने टेनिस सिर्फ नतीजों के लिए नहीं, बल्कि अपने जुनून के लिए खेला था। इसके बाद उन्होंने कहा कि, “मैं चार-पांच साल पहले भी रिटायर हो सकता था, लेकिन मैंने फिर भी खेलना जारी रखा था क्योंकि मुझे टेनिस से प्यार था।” इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने सही समय पर संन्यास लिया है और अब उन्हें कोई पछतावा नहीं है। इसके बाद उन्होंने कहा कि, “मैं बहुत खुश हूं कि मैंने अपने मन से इस खेल को छोड़ा है। अब मेरे पास परिवार के साथ बिताने के लिए काफी समय है।”
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