एशिया कप का हर मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच और जोश का पैगाम लेकर आता है। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और हाल के वर्षों से अफगानिस्तान भी इसमें खेलती है—ये टीमें जब एक-दूसरे से भिड़ती हैं तो मुकाबला सिर्फ गेंद और बल्ले का नहीं रहता, तब यह सम्मान, गर्व और क्रिकेटिंग वर्चस्व की लड़ाई बन जाती है।
2016 मे धोनी और तस्कीन का विवाद

बांग्लादेश और भारत के बीच एशिया कप के बेहद रोमांचक फ़ाइनल मैच के बाद ।इस दौरान धोनीऔर तस्कीन में थोड़ी बहस क बाद ये मामला से, मीडिया पर बुरा असर पड़ा, जहाँ बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ तस्कीन अहमद की कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कटा हुआ सिर लेकर बेतहाशा दौड़ती हुई, एक फेक बनाई गई तस्वीर ट्रेंड करने लगी। अख़बार और इंटरनेट वेबसाइट्स पर यह तस्वीर दिखाए जाने के बाद, बांग्लादेशी पत्रकारों ने इसकी कड़ी आलोचना की और इसे एक बीमार मानसिकता की उपज बताया.
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री से इस तस्वीर के बारे में कहा गया, तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से इनकार कर दिया और यह बोलकर इसे खारिज दिया कि वह और भारतीय टीम के खिलाड़ी क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और बहार में की चीजों पर अधिक ध्यान नहीं देते हैं। पिछले साल, जब बांग्लादेश ने भारत पर वनडे श्रृंखला में जीत दर्ज की थी, तो स्थानीय मीडिया के एक वर्ग ने भारतीय टीम का मज़ाक उड़ाया था। धोनी और विराट कोहली जैसे और भी क्रिकेटरों के आधे मुंडे हुए सिर दिखाए गए थे। मुस्तफ़िज़ुर हाथ में शार्पनर पकड़े हुए थे, उस तस्वीर ने तब भी विवाद खड़ा कर दिया था।
गौतम गंभीर Vs कामरान अकमल

भारत-पाकिस्तान का नाम आते ही क्रिकेट प्रोरेमियों के मैन गंभीर का ये मैच है। 2010 के दांबुला मुकाबले को आज भी एशिया कप इतिहास की सबसे बड़ी लड़ाइयों में गिना जाता है। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए शोएब मलिक और सलमान बट्ट की पारियों की बदौलत 267 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
भारत की शुरुआत शानदार रही।इस दौरान भारतीय बल्लेबाज़ गंभीर को पाकिस्तानी विकेटकीपर अकमल की आक्रामक अपीलें पसंद नहीं आईं। गौतम और विकेटकीपर के बीच कहासुनी हुई और ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान यह बहस में बदल गई, गंभीर ने 83 रन बनाकर टीम को जीत की राह पर रखा। लेकिन असली रोमांच मैच के आखिरी ओवरों में देखने को मिला। इंडियन टीम को अंतिम ओवर में जीत के लिए 7 रन चाहिए थे और गेंदबाजी पर थे पाकिस्तान के दिग्गज बॉलर शोएब अख्तर। हर गेंद पर दिल की धड़कनें तेज़ थीं। अंतिम गेंद पर भारत को सिर्फ 1 रन चाहिए था और हरभजन सिंह ने चौका जड़कर भारत को यादगार जीत दिलाई। जिसका नाम आज भी अच्छे मैचों में गिना जाता है।
हरभजन सिंह बनाम शोएब अख्तर
एशिया कप 2010 का वो भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए हमेशा यादगार रहेगा. यह मैच दाम्बुला में खेला गया था और आखिरी ओवर तक रोमांच बना रहा . भारतीय टीम को जीत के लिए अंतिम ओवर में 3 रन चाहिए थे और क्रीज पर हरभजन सिंह मौजूद थे सामने पाकिस्तान के गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने लगातार सटीक गेंदबाजी करते हुए दबाव बनाए रखा. ऐसा लग रहा था जैसे कि मैच हाथ से निकल सकता है, इसी दौरान अख्तर ने हरभजन को निशाना बनाते हुए शॉर्ट बॉल डालने को कहा, जिसके बाद पंजाबी में दोनों के बीच कुछ बातें हुई। हरभजन ने छक्का लगाकर मैच जिता दिया, और अख्तर की तरफ उनकी नज़रे बयां सब कुछ कह रही थी दिया। अख्तर ने स्वीकार किया कि मैच के बाद वह हरभजन से लड़ना चाहते थे।
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