टेस्ट क्रिकेट को हमेशा से सबसे असली और कठिन फॉर्मेट माना जाता है। इसमें बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को मेहनत और हुनर दिखाना पड़ता है। भारत में भी टेस्ट क्रिकेट को बहुत इज्जत दी जाती है।
किसी भी खिलाड़ी के लिए पहला टेस्ट शतक बनाना एक बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। कई भारतीय खिलाड़ियों ने यह रिकॉर्ड छोटी उम्र में बना लिया। कुछ ने आगे चलकर बहुत अच्छा करियर बनाया, लेकिन कुछ खिलाड़ी ज्यादा समय तक चमक नहीं पाए। अब हम जानते हैं उन 3 सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ियों के बारे में, जिन्होंने टेस्ट में शतक लगाया।
छोटी उम्र में शतक बनाने वाले 3 इंडियन पल्येर्स
1. सचिन तेंदुलकर (17 साल, 107 दिन)

1990 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में सचिन तेंदुलकर ने इतिहास बना दिया। सिर्फ 17 साल की उम्र में उन्होंने नाबाद 119 रन बनाकर भारत को हारने से बचाया। उनकी यह पारी बहुत समझदारी और मेहनत से भरी थी, जिससे दुनिया को पता चल गया कि वह एक खास खिलाड़ी हैं। बाद में सचिन ने 200 टेस्ट मैच खेले और कुल 15,921 रन बनाए। वह आज भी टेस्ट और वनडे दोनों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
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2. पृथ्वी शॉ (18 साल, 329 दिन)

पृथ्वी शॉ ने 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला और शुरुआत में ही तेज शतक लगाकर सबका ध्यान खींचा। उन्होंने सिर्फ 154 गेंदों में 134 रन बनाए, जिसमें 19 चौके थे। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और शानदार तकनीक दिखाई दी। लेकिन बाद में चोटों और अनुशासन से जुड़ी परेशानियों की वजह से उनका करियर धीमा पड़ गया। डोपिंग बैन और खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
3. कपिल देव (20 साल, 266 दिन)

1979 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान कपिल देव ने शानदार बल्लेबाजी की। जब भारत ने पहली पारी खेली, तब कपिल ने सिर्फ 124 गेंदों में नाबाद 126 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 1 छक्का शामिल था। इसके बाद वे भारतीय क्रिकेट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर बने। वे इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 5000 से ज्यादा रन बनाए और 400 से ज्यादा विकेट भी लिए।

