दिल्ली कैपिटल्स ने पृथ्वी शॉ को 75 लाख में खरीदा, लेकिन टीम संतुलन को देखते हुए कुछ और खिलाड़ी ज्यादा सही विकल्प बन सकते थे।
दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2025 में पांचवां स्थान हासिल किया और टीम प्लेऑफ में पहुंचने से थोड़ा पीछे रह गई। इसके बावजूद उनके प्रदर्शन में सुधार देखा गया, खासकर टीम के कोर प्लेयर्स के दम पर। इसी भरोसे को आगे बढ़ाते हुए फ्रेंचाइजी ने आईपीएल 2026 मिनी ऑक्शन में बड़े बदलाव नहीं किए और ज्यादातर खिलाड़ियों को रिटेन करते हुए कुछ ही नए नाम शामिल किए। इन नए नामों में पृथ्वी शॉ एक अहम खरीद रहे, जिन पर दिल्ली ने 75 लाख रुपये खर्च किए।
पृथ्वी शॉ की बल्लेबाजी क्षमता पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन ताजा फॉर्म और दिल्ली के पास पहले से टॉप ऑर्डर में कई विकल्प होने के कारण यह सवाल जरूर उठता है कि क्या टीम को इस स्लॉट पर किसी ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो मिडिल ऑर्डर में स्थिरता ला सके या गेंदबाजी में भी योगदान दे सके। इसी वजह से कुछ ऐसे खिलाड़ी भी थे, जिन पर शॉ की जगह दांव लगाया जा सकता था और टीम के संतुलन में ज्यादा सुधार देखने को मिलता।
दिल्ली कैपिटल्स ने पृथ्वी शॉ की जगह इन 3 खिलाड़ियों को चुन सकती थी
1. सरफराज खान
सरफराज खान डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर अपनी पहचान बना चुके हैं और मिडिल ऑर्डर में उनकी मौजूदगी किसी भी टीम के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकती है। दिल्ली के पास पहले से कई ओपनिंग विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में सरफराज जैसे खिलाड़ी को शामिल करने से टीम को बीच के ओवरों में एक भरोसेमंद बल्लेबाज मिलता जो स्पिन और पेस दोनों के खिलाफ रन बनाने में सक्षम है। उनकी बल्लेबाजी शैली टीम के रफ्तार को नियंत्रित करने और जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने में मदद करती है।
आईपीएल में सरफराज पहले भी खेल चुके हैं और खास बात यह रही कि उनका आखिरी आईपीएल मैच 2023 में दिल्ली के लिए ही था। अगर टीम दोबारा उन पर भरोसा जताती तो मिडिल ऑर्डर में ज्यादा गहराई और स्थिरता देखने मिलती। एक ऐसे वक्त में जब दिल्ली को बल्लेबाजी बैलेंस की जरूरत दिख रही थी, सरफराज एक बेहद मजबूत विकल्प साबित हो सकते थे।
2. वेंकटेश अय्यर
वेंकटेश अय्यर लंबे समय से आईपीएल में प्रभावशाली खिलाड़ी रहे हैं और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 7 करोड़ रुपये में खरीदा। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ पांच सीजन बिताए और इस दौरान 1468 रन बनाए, साथ ही गेंद से भी टीम को योगदान दिया। हालांकि 2025 का सीजन उनके लिए अपेक्षाकृत शांत रहा, फिर भी एक ऑलराउंडर के रूप में उनकी उपयोगिता कम नहीं होती।
दिल्ली कैपिटल्स के नजरिए से देखें तो अय्यर जैसे खिलाड़ी के आने से टीम को एक अतिरिक्त गेंदबाज मिलता और मिडिल ऑर्डर में एक फ्लेक्सिबल बैटिंग विकल्प भी। वह ओपनिंग कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर नंबर 4 या नंबर 5 पर भी खेल सकते हैं। अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी के साथ उनकी जोड़ी टीम के लिए और भी बेहतर संतुलन लाती और बेंच स्ट्रेंथ को भी मजबूत करती।
3. माइकल ब्रेसवेल
न्यूजीलैंड के माइकल ब्रेसवेल पिछले कुछ समय में एक भरोसेमंद स्पिन ऑलराउंडर बनकर उभरे हैं। वह बल्लेबाजी में परिपक्वता दिखाते हैं और गेंदबाजी में स्पिन ट्रैक पर प्रभावी साबित होते हैं। उन्होंने 2023 में आरसीबी की ओर से आईपीएल खेला और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह लगातार टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं। उनकी शांत स्वभाव वाली नेतृत्व क्षमता और अनुभव भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती थी।
दिल्ली कैपिटल्स भारतीय पिचों पर स्पिन विकल्पों को मजबूत बनाना चाहती है, तो ब्रेसवेल जैसे खिलाड़ी से टीम को बल्लेबाजी में स्थिरता और गेंदबाजी में एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता था। खास तौर पर तब जब टीम मिडिल ओवरों में रन रोकने और विकेट लेने वाले गेंदबाज की तलाश में भी रहती है। ब्रेसवेल को चुनने से टीम का संतुलन और भी बेहतर दिखाई देता।
पृथ्वी शॉ को खरीदकर दिल्ली कैपिटल्स ने एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज को टीम का हिस्सा बनाया, लेकिन टीम की मौजूदा जरूरतों को देखें तो सरफराज खान, वेंकटेश अय्यर और माइकल ब्रेसवेल जैसे खिलाड़ी टीम को ज्यादा संतुलित और लचीला बनाते। मिडिल ऑर्डर की मजबूती, गेंदबाजी विकल्पों की बढ़त और अनुभव के लिहाज से ये नाम दिल्ली के लिए बेहतर फिट हो सकते थे। अब देखना यह होगा कि शॉ आने वाले सीजन में खुद को किस तरह साबित करते हैं और टीम के टॉप ऑर्डर में अपनी जगह कितनी मजबूती से जमाते हैं।
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