राफेल नडाल ने साफ कहा कि महान खिलाड़ियों में से उनका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी रोजर फेडरर रहे क्योंकि शुरुआती दौर से ही दोनों की शैली और प्रदर्शन एक-दूसरे को हमेशा चुनौती देते रहे।
राफेल नडाल, रोजर फेडरर और नोवाक जोकोविच को टेनिस की दुनिया में ‘बिग थ्री’ के नाम से जाना गया क्योंकि इन तीनों खिलाड़ियों ने लगभग दो दशक तक एटीपी टूर पर राज किया। ग्रैंड स्लैम में इनके दबदबे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2003 से 2023 तक केवल इन तीनों ने मिलकर 66 बड़े खिताब अपने नाम किए जिनमें फेडरर के 20, नडाल के 22 और जोकोविच के 24 खिताब शामिल हैं।
फेडरर ने 2022 में और नडाल ने 2024 में संन्यास लेकर अपने शानदार करियर का अंत किया, जिससे जोकोविच अकेले ऐसे दिग्गज रह गए जो अब भी सक्रिय हैं। इस दौरान नडाल क्ले कोर्ट के राजा कहे गए क्योंकि उन्होंने फ्रेंच ओपन पर 14 बार जीत दर्ज की जबकि फेडरर ने घास पर सबसे ज्यादा सफलता हासिल की और आठ विंबलडन जीते। जोकोविच को हर सतह पर बेहतरीन माना गया क्योंकि उन्होंने सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतकर ऑल राउंड क्षमता का प्रमाण दिया।
नडाल ने क्यों चुना फेडरर को अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी
राफेल नडाल को जब यह पूछा गया कि उनके करियर में सबसे कठिन और सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी कौन रहे, तो उन्होंने शुरुआत में दोनों के नाम लिए लेकिन अंत में फेडरर को अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी बताया। नडाल के अनुसार उनके करियर के शुरुआती दिनों में फेडरर पहले से टूर पर स्थापित थे और इसी वजह से शुरुआती संघर्ष में नडाल का सामना लगातार फेडरर से होता रहा।
नडाल ने माना कि उनकी और फेडरर की खेलने की शैली एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थी जिससे उनके मैच और भी दिलचस्प बन जाते थे। जहां फेडरर की सहज शॉट मेकिंग और खूबसूरत टेनिस की छाप देखने को मिलती थी, वहीं नडाल की ताकत, टॉप स्पिन और बेसलाइन गेम फेडरर को चुनौती देती थी। नडाल का मानना है कि इन्हीं विरोधी शैलियों ने दोनों को एक-दूसरे के खिलाफ और बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया।
आंकड़ों की नजर से देखें तो जोकोविच भी बड़े प्रतिद्वंद्वी
नडाल ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने करियर में सबसे ज्यादा मैच जोकोविच के खिलाफ खेले। दोनों के बीच 60 मुकाबले हुए जिनमें 31 बार जीत जोकोविच और 29 बार जीत नडाल के हिस्से में गई। इन 60 मैचों में चारों ग्रैंड स्लैम के फाइनल भी शामिल रहे जहां दोनों बार-बार एक-दूसरे से भिड़ते रहे और हर मुकाबला किसी महायुद्ध से कम नहीं लगता था।
हालांकि ग्रैंड स्लैम फाइनल की बात करें तो नडाल 5-4 से आगे हैं जबकि कुल फाइनल मुकाबलों में जोकोविच 15-13 से आगे निकलते हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि जोकोविच ने लंबे समय तक शानदार निरंतरता बनाए रखी और चोटों से दूर रहते हुए लगातार उच्च स्तर पर प्रदर्शन किया। लेकिन इसके बावजूद नडाल के मुताबिक उनके लिए भावनात्मक और तकनीकी रूप से सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता फेडरर ही रहे।
फेडरर बनाम नडाल: टेनिस इतिहास की यादगार भिड़ंत
फेडरर और नडाल की भिड़ंत को टेनिस की सबसे प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विता माना गया क्योंकि दोनों ने 40 बार आमने-सामने खेला जिनमें 24 बार जीत नडाल और 16 बार जीत फेडरर को मिली। इनमें 14 फाइनल भी शामिल रहे जिनमें नडाल 14-10 से आगे रहे जिससे यह साबित होता है कि बड़े मंचों पर नडाल अक्सर फेडरर से एक कदम आगे रहे।
लेकिन इस प्रतिद्वंद्विता की खूबसूरती सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि उन यादगार मैचों में छिपी है जिन्हें देखकर दुनिया भर के प्रशंसक रोमांचित होते रहे। चाहे 2008 विंबलडन फाइनल हो या 2017 ऑस्ट्रेलियन ओपन, हर बार दोनों के बीच हुए मुकाबले टेनिस प्रेमियों के दिलो दिमाग में हमेशा के लिए बस गए और खेल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
बिग थ्री ने मिलकर बदली टेनिस की परिभाषा
तीनों दिग्गजों ने न केवल एक-दूसरे को बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया, बल्कि टेनिस के खेल को नए दौर में ले गए। उनकी प्रतिस्पर्धा ने दिखाया कि लंबे समय तक टॉप पर बने रहना कितना चुनौतीपूर्ण होता है और इसके लिए मानसिक, शारीरिक और तकनीकी संतुलन कितना जरूरी होता है।
नडाल की बातों से यह साफ झलकता है कि खेल में प्रतिद्वंद्विता सिर्फ जीत और हार तक सीमित नहीं होती बल्कि यह एक-दूसरे की क्षमताओं को पहचानने और सम्मान देने से भी बनती है। इसी नजरिए ने नडाल और फेडरर की प्रतिद्वंद्विता को महान बनाया और जोकोविच के साथ उनकी टक्कर को यादगार बनाया जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
टेनिस से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi पर विजिट करते रहें और हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

