टीम इंडिया के दिग्गज ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप की जीत के बाद छोटे फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। वो इस समय सिर्फ दो ही फॉर्मेट में खेल रहे हैं। टेस्ट में तो उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है लेकिन वनडे में उनकी परफॉरमेंस पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
बीच में उनको ड्रॉप भी किया गया लेकिन उन्होंने वापसी की। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घर में खेली जा रही सीरीज के दोनों मैचों में वो कुछ खास नहीं कर पाए हैं, जिसके चलते वो एक बार फिर से आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। तो चलिए जानते हैं कि बीते कुछ सालों में वनडे में जडेजा का प्रदर्शन कैसा रहा है।
जडेजा के प्रदर्शन में आ रही है गिरावट

साल 2019 के वर्ल्ड कप के दौरान भारत के पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने जडेजा को बिट्स एंड पीसेज़ प्लेयर बोला था, जिसके बाद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके न सिर्फ उनको बल्कि उनके ऊपर संदेह करने वाले सभी लोगों को शांत करा दिया था।
उसके बाद रविंद्र के व्हाइट बॉल करियर में एक बार फिर उछाल देखने को मिला था और वो न सिर्फ गेंद से बल्कि बल्ले से भी मैच जिताने की क्षमता रखते थे। उन्होंने ऐसा करके भी दिखाया, लेकिन पिछले कुछ समय में उनकी बल्लेबाजी में गिरावट देखने को मिल रही है, जिसका असर टीम के नतीजों में भी देखने को मिल रहा है।
जडेजा 6 साल से नहीं लगा सके हैं अर्धशतक
जडेजा अब हिटिंग नहीं कर पा रहे हैं, जिसका फायदा विपक्षी टीमें उठा रही हैं और लगातार डॉट बॉल करा रही हैं। प्रेशर रिलीज करने के चक्कर में वो बड़ा शॉट लगाने जाते हैं और अपनी विकेट दे बैठते हैं।
पिछले मैच में भी ऐसा हुआ था जब वो राहुल के साथ साझेदारी कर रहे थे। केएल एक तरफ से रन बना रहे थे लेकिन जडेजा स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पा रहे थे और एक ही एंड पर फंस गए थे और बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए थे।
जडेजा के बल्लेबाजी आंकड़ों में काफी गिरावट देखने को मिली है। उनके बल्ले से आखिरी बार वनडे में 6 साल पहले अर्धशतक निकला था, जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे मैच में उन्होंने नाबाद 66 रन बनाए थे।
उसके बाद से उनको कुछ मौके भी मिले लेकिन वो अर्धशतक नहीं लगा पाए। यही नहीं, घर में तो उनका अर्धशतक लगभग 10 साल से भी ज्यादा पहले आया था।
पिछले 5 मैचों में लिया है सिर्फ 1 विकेट
जडेजा का गेंदबाजी में भी प्रदर्शन काफी फीका रहा है। वो विकेट लेने में भी सफल नहीं हो रहे हैं। पिछले 5 मैचों में वो सिर्फ 1 विकेट ले पाए हैं। वो भले ही बहुत रन नहीं दे रहे हैं लेकिन विकेट लेने में सफल नहीं हो रहे हैं। उनका विकेट न लेना टीम इंडिया के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है क्योंकि मिडिल ओवर्स में बल्लेबाज सेट हो जा रहे हैं और बड़ी पारियां खेल रहे हैं।

