Babar Azam Controversy में मोहम्मद यूसुफ ने दावा किया कि बाबर को ड्रॉप करने की सलाह देने पर उन्हें चयनकर्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच अचानक से Babar Azam Controversy सुर्खियों में आ गई है। पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व चयनकर्ता मोहम्मद यूसुफ ने ऐसा बयान दिया है जिसने टीम के अंदरूनी माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने दावा किया कि बाबर आजम को टीम से बाहर करने की कोशिश ही उनके इस्तीफे की असली वजह बनी। यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब पाकिस्तान सुपर 8 चरण में पहुंच चुका है और टीम पर दबाव बढ़ा हुआ है।
बाबर को ड्रॉप करने की सलाह बनी विवाद की जड़
Babar Azam Controversy की शुरुआत तब हुई जब मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि उन्होंने बाबर आजम को आराम देने की सलाह दी थी। उनके अनुसार बाबर पिछले कई सालों से रन नहीं बना पा रहे थे और तकनीकी रूप से कमजोर दिख रहे थे।
यूसुफ का कहना है कि उनकी पेशेवर राय को स्वीकार करने के बजाय टीम प्रबंधन और बोर्ड के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
उन्होंने कहा कि बाबर की खराब फॉर्म सिर्फ कुछ मैचों की नहीं बल्कि लंबे समय से जारी गिरावट का परिणाम है।
तीन साल से खराब प्रदर्शन का दावा
Babar Azam Controversy में यूसुफ ने यह भी कहा कि किसी खिलाड़ी का खराब फॉर्म दो तीन सीरीज तक ही होता है, लेकिन बाबर का प्रदर्शन कई वर्षों से गिरा हुआ है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी बाबर अब तक तीन मैचों में सिर्फ 66 रन ही बना पाए हैं। यह आंकड़ा उनके कद के खिलाड़ी के लिए काफी कम माना जा रहा है।
यूसुफ का मानना है कि अगर समय रहते बदलाव किया जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी।
“I had to resign because of Babar Azam. The moment I suggested resting him, the entire environment changed and everyone turned against me.”
~ Mohammad Yousuf
— Cricketopia (@CricketopiaCom) February 19, 2026
मानसिकता नहीं, तकनीक असली समस्या
Babar Azam Controversy में यूसुफ ने आधुनिक कोचिंग के उस तर्क को भी खारिज किया जिसमें खराब प्रदर्शन को मानसिक दबाव से जोड़ा जाता है।
उनके अनुसार असली समस्या तकनीक में गिरावट है, जिसे मानसिक मजबूती से ठीक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ी की तकनीक सही नहीं है तो आत्मविश्वास भी ज्यादा मदद नहीं कर सकता।
महान खिलाड़ियों से तुलना पर सख्त प्रतिक्रिया
यूसुफ ने बाबर की तुलना पाकिस्तान के महान बल्लेबाजों से करने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इंजमाम उल हक, सईद अनवर और जहीर अब्बास जैसे खिलाड़ियों का स्तर अलग था और बाबर की तुलना उनसे नहीं की जा सकती।
यह बयान पाकिस्तान क्रिकेट में पुराने और नए दौर के खिलाड़ियों के बीच बढ़ती दूरी को भी दिखाता है।
सुपर 8 से पहले बढ़ा दबाव
Babar Azam Controversy ऐसे समय पर सामने आई है जब पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में टीम के स्टार बल्लेबाज पर अतिरिक्त दबाव पड़ना तय माना जा रहा है।
अब हर मैच में बाबर के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी और उनके हर शॉट को इस विवाद के संदर्भ में देखा जाएगा।
Babar Azam Controversy ने पाकिस्तान क्रिकेट के अंदरूनी हालात को उजागर कर दिया है। सुपर 8 के मुकाबलों में बाबर का प्रदर्शन ही तय करेगा कि यह विवाद शांत होगा या और ज्यादा बढ़ेगा।
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