BCCI ने विदेशाी लीगों में खेलने के लोभ से इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त नियम बनाने का फैसला कर लिया है। इस नियम के तहत वह रिटायरमेंट की निति लाने की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही हुए में एपेक्स काउंसिल की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की हुई है। बोर्ड इस बात को लेकर बहु ज्यादा चिंतित है कि भारतीय क्रिकेटर्स विदेशी लीगों में भाग लेने के लिए समय से पहले ही संन्यास ले रहे हैं।
विजय शंकर का हालिया उदहारण
BCCI के अनुसार, विजय शंकर का विदेशी लीगों में खेलने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ताजा उदाहरण देखा गया है। उन्होंने हाल ही में भारतीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की और उसके तुरंत बाद ही लंका प्रीमियर लीग (LPL) में शामिल हो गए हैं। इसके कुछ समय बाद ही वो 2026 सीजन के लिए कैंडी रॉयल्स की टीम में शामिल हो गए हैं। इससे पहले दिनेश कार्तिक, युवराज सिंह, उन्मुक्त चंद, प्रवीण तांबे और इरफान पठान भी ये काम कर चुके हैं।
BCCI ने लागू की 5 साल के कूलिंग-ऑफ पीरियड की योजना
एपेक्स काउंसिल की बैठक में विदेशी लीगों के प्रति खिलाड़ियों के बढ़ते रुझान को ध्यान में रखते हुए, BCCI ने 5 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लाने की चर्चा की है। हालांकि, इसका अंतिम फैसला BCCI सचिव के साथ में है। कूलिंग-ऑफ पीरियड के बाद अगर कोई भारतीय खिलाड़ी संन्यास लेकर सीधे विदेशी लीग में खेलता है। तो उस पर भारतीय क्रिकेट में खेलने के लिए कम से कम 5 साल का बैन लगाया जा सकता है।
BCCI के नियमों के हिसाब से कोई भी एक्टिव भारतीय क्रिकेटर घरेलू क्रिकेट या IPL में खेल रहा है तो उसे विदेशी लीग में खेलने की इजाजत नहीं दी जाएगी है। कोई भी खिलाड़ी तभी विदेशी लीगों तब खेल पाएगा, जब तक वो भारतीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट और आईपीएल से पूरी तरह संन्यास की घोषणा न कर दे।
इसी नियम का फायदा उठाकर हाल के दिनों में कई खिलाड़ियों ने संन्यास लेते ही विदेशी टीमों के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिया है।
क्या है BCCI इसको लेकर नया नियम
इस कड़े कदम का उद्देश्य खिलाड़ियों को इस बात से आगाह करना है कि वो संन्यास का फैसला बहुत सोच-समझकर करें। BCCI चाहता है कि देश की अहम प्रतिभाएं और अनुभवी खिलाड़ी ज्यादा समय तक भारतीय डोमेस्टिक क्रिकेट और आईपीएल की प्रतिष्ठा को बनाए रखने में अपना अहम योगदान दें। हालांकि, इस नीति पर आखिरी फैसला BCCI के अध्यक्ष और सचिव के हाथ में सौपीं गई है।

