Mansukh Mandaviya: भारत के केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बीते दिन गुरुवार को राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ दिन भर चली समीक्षा बैठक में समय पर चुनाव और पारदर्शी चयन पर जोर दिया है। वहीं इसी साल में एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होने वाला है। इसके चलते हुए अब भारत के खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसकी तैयारियों के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ बैठक की है।
मनसुख मांडविया ने की एनएसएफ के साथ बैठक :-
भारत के केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बीते दिन गुरुवार को राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ दिन भर चली समीक्षा बैठक में समय पर चुनाव और पारदर्शी चयन पर जोर दिया है। इसके अलावा उन्होंने उनसे डोपिंग की समस्या से सख्ती से निपटने का भी आग्रह किया था। वहीं इस बैठक में 37 एनएसएफ के प्रतिनिधियों, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, खेल सचिव हरि रंजन राव और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने हिस्सा लिया था।

इसके अलावा अब इस बैठक का उद्देश्य इस साल होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों के लिए भारत की तैयारियों पर चर्चा करना था। वहीं अब भारतीय खेल मंत्रालय द्वारा जारी बयान में मांडविया ने जोर देते हुए कहा है कि भारत का खेल भविष्य खिलाड़ियों, महासंघों और सरकारों के बीच बेहतर तालमेल पर निर्भर करता है। इसके अलावा उन्होंने एनएसएफ के भीतर अधिक पारदर्शिता, समय पर चुनाव और जवाबदेही की मांग की है। इससे एक मजबूत संस्थागत तंत्र सुनिश्चित किया जा सके जो खिलाड़ियों के कल्याण में सहायक हो सके।
मांडविया ने दिया डोपिंग के मुद्दे पर ज्यादा जोर :-

इसके अलावा मनसुख मांडविया ने डोपिंग के मुद्दे पर भी बात की है। क्यूंकि इस मौजूदा समय में यह भारतीय खेलों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। क्यूंकि कुछ ही हफ्ते पहले विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी ने डोपिंग को अपराध घोषित करने का आग्रह किया था। इसके अलावा इस पर भी मांडविया पहले ही कह चुके हैं कि मौजूदा कानून में संशोधन करने और खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ उपलब्ध कराने वालों के लिए जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान करने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों से भारत वाडा की डोप उल्लंघन करने वालों की सूची में शीर्ष पर है।

इसके चलते हुए अब भारत के खेल मंत्री ने महासंघों, कोच और सहयोगी कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वो खिलाड़ियों को शिक्षित और जागरूक करके इस दिशा में अपना योगदान दें। तभी तो अब उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के पदक जीतने की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित प्रतिस्पर्धी अनुभव, निजी क्षेत्र की भागीदारी, खेल लीग, अकादमियों और प्रशासन सुधारों के महत्व पर भी जोर दिया था। वहीं इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स जुलाई-अगस्त में ग्लास्गो में होने वाले हैं। इसके बाद सितंबर-अक्तूबर में जापान में एशियाई खेल होने वाले हैं।
स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

