Author: Sanjay Bisht

साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

अब खबर आ रही है कि वो इस मुकाबले में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होने वाले हैं। इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम दिल्ली में दस्तक दे चुकी है, लेकिन शुभमन गिल अभी भी चेन्नई के हॉस्पिटल में एडमिट हैं। इससे ये पता लग पा रहा है कि अब वो अफगानिस्तान के साथ होने वाले मुकाबले में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

हर टीम के लिए विश्वकप जैसे आयोजन के सभी मुकाबले काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। भारतीय टीम अपना दूसरा मैच अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने वाली है।

साल 2023 के एशियन गेम्स में भारतीय ने कुल 107 पदक देश के नाम किए थे। इसमें से 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस बार भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर हैं।

आज के इस लेख में हम उन पांच खिलाड़ियों की लिस्ट बताने जा रहे हैं, जिन्होंने रन तो खूब बनाए लेकिन अपने करियर में एक भी शतक नहीं लगा पाए। आइए ऐसे ही पांच खिलाड़ियों के बारे में जातने हैं।

इस पर अब ये चर्चा हो रही है कि आखिर जार्वो बार-बार मैदान के अंदर कैसे घुस जाता है। इससे पहले भी भारत-इंग्लैंड के बीच जार्वो कई बार मैदान के अंदर भारतीय टीम की जर्सी पहन कर घुसते हुए दिखाई दिया था।

इस मैच के बाद दुनिया के महानता खिलाड़ियों में से एक सचिन तेंदुलकर का एक ट्वीट वायरल हो रहा है। इस ट्वीट में सचिन ने ऑस्ट्रेलिया की पहले बल्लेबाजी वाले फैसले पर हैरानी जताई है।

आज के दिन भारत के लिए और खास हो गया। हमारे राष्ट्रीय खेल कहे जाने वाले हॉकी खिलाड़ियों ने देश के खाते में एक और गोल्ड डाल दिया है।

अब ऐसे में कुछ खिलाड़ियों के बीच में इस विश्वकप के दौरान सबसे ज्यादा रन बनाने की भी जंग हो सकती है। जी हां, हमारा इशारा भारत के प्रिंस कहे जाने वाले शुभमन गिल और पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम की तरफ है।

ससे पहले साल 2018 के एशियाई खेलों में भारत के नाम 70 मेडल थे। इस साल अब तक भारतीय खेमा इस स्कोर को पार कर चुका है। ये सब भारतीय एथलीटों के अटूट होसले और बेमिसाल के दम पर ही मुमकिन था।