आईपीएल 2026 के सबसे महंगे खिलाड़ी कैमरन ग्रीन अब तक इस टूर्नामेंट के हर एक मैच में बुरी तरह से फ्लॉप हुए हैं।
आईपीएल 2026 में कोलकता नाइट राइडर्स (KKR) ने उनको 25.20 करोड़ में खरीदा था। वो इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी थे। हालांकि अब तक ग्रीन का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। उनको टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी गई और वो गेंदबाजी भी नहीं करा रहे हैं। उसके बाद भी शुरुआती 3 मैचों में वो सिर्फ 24 रन बना पाए हैं। ग्रीन अब तक अपने आईपीएल प्राइस तक भी नहीं पहुंच पाए हैं।
कैमरन ने इस सीजन अपने तीन मैचों में अब तक क्रमशः 18(12), 2(2) और 4(2) रनों की पारियां खेली हैं। तीनों ही मैचों में उनके आउट होने का एक क्लियर पैटर्न भी दिखाई देता है। हर मैच में गेंदबाज भले अलग रहे, लेकिन ग्रीन की गलती लगभग एक जैसी रही, जिसे आंकड़ों और मैच सिचुएशन के अनुसार आसानी से समझा जा सकता है। तो चलिए जानते हैं कि आईपीएल 2026 में KKR के लिए कैम ग्रीन के फ्लॉप होने के 3 बड़े कारण क्या हैं।
इन 3 बड़े कारणों से आईपीएल 2026 में KKR के लिए फ्लॉप हो रहे हैं संजू सैमसन
1. फुटवर्क का यूज न करना
अगर कैमरन ग्रीन की पारियों को देखें तो उनका फुटवर्क लगातार खराब रहा है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ शार्दूल ठाकुर की फ़ुलीश बॉल पर वो पिच तक नहीं पहुंचे थे और वहीं से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे जिसके चलते वो मिडऑफ में कैच आउट हो गए थे।
आज पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में भी उनका बैलेंस सही नहीं था, जहां बाहर जाती गेंद पर उन्होंने क्रीज से ही ड्राइव खेलने की कोशिश की और कीपर को एच दे बैठे। ग्रीन की कमजोरी अंदर आती हुई गेंद हैं जिससे बचने के चक्कर में वो थोड़ा साइड इन खेलते इन ताकि LBW से बच सकें। इसी चक्कर मे बाहर वाली गेंद में रन बनाने के चक्कर में उनका बल्ला तो जाता है लेकिन न तो वेट ट्रांसफर होता है और न ही कोई फुटवर्क होता हैं जिससे एज लगता हैं।
2. ऑफ स्टंप चैनल में बार-बार फंसना
तीनों मैचों में एक कॉमन पैटर्न यह रहा कि गेंदबाजों ने ग्रीन को ऑफ स्टंप के बाहर या उसी लाइन में गेंदबाजी की है और हर बार वो उसी जाल में फंसते दिखे।
पंजाब के खिलाफ जेवियर बार्टलेट ने उन्हें आउटस्विंग बॉल डालीं, जिसको ड्राइव करने की कोशिश की लेकिन मूवमेंट को कवर नहीं कर पाए। जिसके चलते आउटसाइड एज लगा और उनकी इनिंग खत्म हो गई।
3. खराब शॉट सिलेक्शन
ग्रीन की बल्लेबाजी में सबसे बड़ा फर्क उनके शॉट सिलेक्शन में दिख रहा है। तीनों मैचों में उन्होंने शुरुआत में ही अटैक करने की कोशिश की, लेकिन बॉल के अनुसार वो खुद को ढाल नहीं पाए और विकेट गंवा बैठे।
मुंबई के खिलाफ पहले मैच में भी वो काफी हड़बड़ी में दिखे और हर बॉल पर लगातार बड़े शॉट खेलने का प्रयास कर रहे थे जो उनकी ताकत नहीं हैं। ग्रेन कि ताकत हैं कि वो स्लॉट और शॉर्ट पिच बॉल अच्छी खेलते हैं लेकिन हर बॉल में बड़ा शॉट खेलने का मतलब हो यही है कि आपका जल्दी आउट होना तय हैं। क्योंकि गेंद कही और मारने वाली होगी और उसको कहीं और खेलकर आउट हो जा रहे हैं।
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