Sunday, February 1

National Sports Act: खेल मंत्रालय ने बताया है कि नए साल के पहले दिन यानी एक जनवरी 2026 से ऐतिहासिक राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम आंशिक रूप से लागू हो गया है। वहीं इस बार खेलों के लिए साल 2026 काफी खास और महत्वपूर्ण होने जा रहा है। इसके लिए अब खेल मंत्रालय ने एक और बड़ी घोषणा कर दी है।

राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम हुआ आंशिक रूप से लागू :-

New National Sports Bill 2026
New National Sports Bill 2026

भारतीय खेल मंत्रालय ने नए साल के पहले दिन यानी एक जनवरी 2026 से ऐतिहासिक राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम आंशिक रूप से लागू कर दिया है। अब इस नए राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम के चलते हुए एक सर्व-शक्तिशाली राष्ट्रीय खेल बोर्ड और खेल विवादों को सुलझाने के लिए एक पंचाट बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले आपको मालूम हो कि केंद्र सरकार संसद में राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक लेकर आई थी और तब दोनों सदनों में यह बिल पास हुआ था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिलने के बाद यह अधिनियम बन गया था।

अन्य प्रावधान होंगे बाद में लागू :-

इसके अलावा यह कानून 18 अगस्त 2025 को आधिकारिक राजपत्र (गजट) में नोटिफाई किया गया था। इसके चलते हुए अब भारतीय खेल मंत्रालय ने बताया है कि अधिनियम की कुछ खास धाराएं और उप-धाराएं एक जनवरी 2026 से लागू हो जाएंगी। जबकि इसके बाकि के प्रावधान बाद में लागू किए जाएंगे। लेकिन अब इस कदम को देश में खेलों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

Mansukh L. Mandaviya
Mansukh L. Mandaviya

इसके बाद भारतीय खेल मंत्रालय ने बयान में बताया है कि केंद्र सरकार ने एक जनवरी 2026 को उस तारीख के रूप में तय किया है जिस दिन उक्त अधिनियम की धारा 1 से 3, धारा 4 की उप-धारा (1), (2) और (4), धारा 5 के उप-धारा (1) और (2), धारा 8 के उप-धारा (5), धारा 11 के उप-धारा (1), धारा 14 और 15, धारा 17 की उप-धारा (1) से (7) और (10), धारा 30 और 31, और धारा 33 से 38 के प्रावधान लागू होंगे।

Mansukh Mandaviya
Mansukh Mandaviya/Getty Images

इसके अलावा हम बता देना चाहते हैं कि खेल विधेयक एक दशक से अधिक समय से लंबित था। वहीं अब इसको पिछले एक वर्ष में विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद पारित किया गया है। इसके बाद इस विधेयक को 23 जुलाई को लोकसभा में पेश किया गया और 11 अगस्त को इसे वहां पारित कर दिया गया था। इसके एक दिन बाद राज्यसभा ने दो घंटे से अधिक समय तक चली चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया था।

Mansukh Mandaviya
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इसके अलावा अब यह नया कानून न केवल प्रशासनिक मानदंड निर्धारित करता है, बल्कि इसमें विवादों के त्वरित समाधान के लिए राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण के गठन का भी प्रावधान है। इसके अलावा इसमें राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल के गठन की भी बात कही गई है जो अक्सर विवादों में घिरे रहने वाले राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के चुनावों की निगरानी भी करेगा।

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर उचित रोक लगाने का अधिकार :-

इसके अलावा इस नए कानून के अनुसार केंद्र सरकार को ‘राष्ट्रीय हित में निर्देश जारी करने और रोक लगाने की शक्ति’ संबंधी धारा के तहत एक आदेश के द्वारा असाधारण परिस्थितियों में भारतीय टीमों और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर उचित रोक लगाने का अधिकार भी रहेगा।

Mansukh Mandaviya
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इसके अलावा सभी खिलाड़ियों की भागीदारी का मामला अक्सर पाकिस्तान के संबंध में सामने आता है। क्यूंकि अब विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने को लेकर सरकार की नीति पिछले कुछ वर्षों से बेहद स्पष्ट रही है। इसके अलावा अगर कोई ऐसी प्रतियोगिता हो जिसमें कई देश भाग ले रहे हों तो उसमें भागीदारी पर कोई रोक नहीं है। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय आयोजनों का तो अब सवाल ही नहीं उठता है।

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Sports Content Writer लाखन सैनी (Lakhan Saini) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में लिखने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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