Vinesh Phogat Controversy: भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने भारत की दिग्गज महिला पहलवान विनेश फोगाट के उस दावे को खारिज कर दिया है। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनको महासंघ अगले महीने होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोक रहा है।
इस बीच अब संजय सिंह ने कहा है कि उनका रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरा हो चुका है। लेकिन अब वह बेवजह यह मुद्दा क्यों बना रही हैं। जबकि इस बार यह सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 10 से 12 मई तक उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित नंदिनीनगर महाविद्यालय में होने वाला है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 30 अप्रैल है।
विनेश ने लगाए थे रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाने के आरोप :-
इस बीच अब भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने यह आरोप लगाया था कि वह इस प्रतियोगिता के लिए अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रही हैं। क्यूंकि भारतीय कुश्ती महासंघ पोर्टल पर दिखा रहा है कि रजिस्ट्रेशन अब बंद हो चुके हैं। जबकि महासंघ प्रशासन उनके फोन कॉल का कोई भी जवाब नहीं दे रहा है। इसके अलावा समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश के दावों को गलत बताते हुए उनकी रजिस्ट्रेशन की एक कॉपी विशेष रूप से साझा की है।

इसके बाद संजय सिंह ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि, “विनेश फोगाट का रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरा हो चुका है। इस समय वह बेवजह हंगामा क्यों कर रही हैं। क्यूंकि हमने किसी भी पहलवान को हिस्सा लेने से नहीं रोका है। उन सभी का तहे दिल से स्वागत है। वहीं इस समय मीडिया से बात करने के बजाय उनको अपनी कुश्ती पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा अभी तक कुल 800 पहलवानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। लेकिन अभी तक किसी ने भी किसी तरह की दिक्कत की शिकायत नहीं की है।
20 महीने बाद कुश्ती में वापसी करेंगी विनेश :-
पेरिस ओलंपिक 2024 से अयोग्य घोषित होने के कुछ ही घंटों बाद भारतीय दिग्गज महिला पहलवान विनेश फोगाट ने अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी। लेकिन बाद में उन्होंने संन्यास लेने का अपना फैसला बदल लिया था। वहीं अब वह करीब 20 महीने बाद कुश्ती में वापसी की तैयारी कर रही हैं।

इसके अलावा फरवरी में उन्होंने हरियाणा कुश्ती संघ के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की थी। तब उन्होंने आगामी फेडरेशन कप 2026 के लिए चयन के मानदंडों की आलोचना की थी। क्यूंकि तब उन्होंने इनको अनुचित करार दिया था।
ओलंपिक में टूटा था विनेश का पदक का सपना :-
इसके अलावा विनेश फोगाट ने पेरिस में इतिहास रचते हुए ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनने का गौरव हासिल किया था। तब उनके इस ऐतिहासिक सफर में जापान की चार बार की विश्व चैंपियन यूई सुसाकी पर मिली शानदार जीत भी शामिल थी। इसके बाद फाइनल की सुबह दूसरे ‘वेट-इन’ (वजन तौलने की प्रक्रिया) के दौरान तय सीमा से अधिक वजन पाए जाने के कारण उनको प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

इसके बाद फिर उन्होंने ओलंपिक से अयोग्य घोषित किए जाने के फैसले के खिलाफ खेल पंचाट में अपील की थी और 50 किलोग्राम भार वर्ग में संयुक्त रूप से रजत पदक दिए जाने की मांग भी की थी। इसके बाद सीएएस के एड-हॉक डिवीजन ने विनेश की अयोग्यता के खिलाफ दायर याचिका को तब खारिज कर दिया था। इसके चलते हुए ही तब उनका पहला ओलंपिक पदक जीतने का सपना टूट गया था।
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