क्रिकेट में अक्सर नए रिकॉर्ड बनते हैं और पुराने टूटते रहते हैं। लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे हैं, जिन्हें तोड़ पाना लगभग असंभव माना जाता है। इनमें ब्रायन लारा की 400 रन की पारी और रोहित शर्मा की वनडे में 264 रन की पारी शामिल हैं। इसी तरह सर जैक हॉब्स के फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 199 शतक और सचिन तेंदुलकर के इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक भी ऐसे रिकॉर्ड हैं, जो कई सालों से कायम हैं। यहां हम ऐसे ही महान रिकॉर्ड्स के बारे में बता रहे हैं।
ये हैं क्रिकेट इतिहास के 7 रिकॉर्ड जिनका टूटना बिलकुल असंभव माना जाता है
7. रोहित शर्मा (भारत)
भारत के मशहूर बल्लेबाज रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ एक वनडे मैच में 264 रन की शानदार पारी खेली थी। उन्होंने यह पारी बहुत कम गेंदों में खेली, जिसमें 33 चौके और 9 छक्के शामिल थे। यह वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी मानी जाती है।
इसके अलावा, रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 रन और श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 208 रन भी बनाए हैं। अब तक कोई अन्य खिलाड़ी एक से अधिक दोहरा शतक नहीं बना पाया है।
6. मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका)
श्रीलंका के महान ऑफ़ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 133 टेस्ट मैचों में 800 विकेट हासिल किए। अपनी शानदार स्पिन गेंदबाजी से उन्होंने लंबे समय तक बल्लेबाजों को परेशान किया।
मुरलीधरन ने कई बड़े रिकॉर्ड बनाए, जैसे टेस्ट मैचों में एक पारी में सबसे ज्यादा बार 10 विकेट लेना और वनडे क्रिकेट में भी सबसे ज्यादा विकेट लेना। उनके ये रिकॉर्ड आज भी खास माने जाते हैं।
5. राहुल द्रविड़ (भारत)
‘द वॉल’ के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ का टेस्ट क्रिकेट में एक अनोखा रिकॉर्ड है। वह कभी भी पहली गेंद पर आउट नहीं हुए। 286 टेस्ट पारियों में उन्होंने एक बार भी गोल्डन डक नहीं झेली।
द्रविड़ ने 164 टेस्ट मैच खेले और शानदार औसत से 13,288 रन बनाए, जिनमें 36 शतक शामिल हैं। इतनी लंबी टेस्ट करियर में बिना गोल्डन डक के खेलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
4. सर डोनाल्ड ब्रैडमैन (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डोनाल्ड ब्रैडमैन का टेस्ट क्रिकेट में सबसे खास रिकॉर्ड उनका औसत 99.94 है। उन्होंने 52 टेस्ट मैचों में 6,996 रन बनाए और 29 शतक लगाए। कई दोहरे शतक भी जड़े। उनका यह औसत क्रिकेट इतिहास का ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ना लगभग असंभव माना जाता है।
3. विल्फ्रेड रोड्स (इंग्लैंड)
इंग्लैंड के खिलाड़ी विल्फ्रेड रोड्स टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 52 साल की उम्र में इंग्लैंड के लिए पहला टेस्ट मैच खेला। शुरुआत में वह निचले क्रम में बल्लेबाजी करते थे, लेकिन बाद में ओपनर के रूप में भी खेलकर अपनी अलग पहचान बनाई। इतनी उम्र में टेस्ट क्रिकेट खेलना अपने आप में अनोखी उपलब्धि है।
2. सर जैक हॉब्स (इंग्लैंड)
इंग्लैंड के महान बल्लेबाज सर जैक हॉब्स ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 199 शतक लगाए। उन्होंने लंबे समय तक क्रिकेट खेलते हुए हजारों रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। हॉब्स का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है, और आधुनिक तेज़ रफ्तार क्रिकेट में इसे तोड़ पाना बहुत मुश्किल माना जाता है।
1. सचिन तेंदुलकर (भारत)
भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक बनाने वाले पहले और अकेले खिलाड़ी हैं। उनके नाम 51 टेस्ट और 49 वनडे शतक दर्ज हैं। अपने करियर की शुरुआत में ही उन्होंने दोनों फॉर्मेट में शतक लगाए और धीरे-धीरे यह बड़ा मुकाम हासिल किया। इतने सालों तक दोनों फॉर्मेट में निरंतरता बनाए रखना बेहद कठिन है, इसलिए इसे तोड़ना भविष्य में भी मुश्किल माना जाता है।

