FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से ठीक पहले फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड और कप्तान किलियन एम्बापे अपनी कप्तानी को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गए हैं। इसके अलावा फ्रांस के 27 वर्षीय स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बापे भले ही इस समय दुनिया के सबसे सफल फुटबॉलरों में से एक माने जाते हैं। इसके बावजूद फ्रांस के ही पूर्व दिग्गज और 1998 वर्ल्ड कप विजेता डिफेंडर फ्रैंक लेबोफ ने उनकी नेतृत्व क्षमता पर तीखा हमला बोला है।
आयरलैंड के खिलाफ वॉर्म-अप मैच जीता फ्रांस :-

इसके अलावा फ्रांस के 27 वर्षीय स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बापे की यह आलोचना ऐसे समय पर आई है जब फ्रांस की टीम उत्तरी आयरलैंड के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में 3-1 की जीत के बावजूद अपने डिफेंस और टीम केमिस्ट्री को लेकर काफी संघर्ष करती हुई दिखाई दी है। इस बीच अब स्पोर्ट्स वेबसाइट स्पोर्ट्सबूम को दिए एक इंटरव्यू में फ्रैंक लेबोफ ने साफ तौर पर कहा है कि व्यक्तिगत रूप से महान होने और एक अच्छा लीडर होने में बड़ा अंतर होता है।
लेबोफ ने किलियन एम्बाप्पे को बताया स्वार्थी :-

इस बीच अब पूर्व दिग्गज खिलाड़ी लेबोफ ने कहा है कि किलियन एम्बाप्पे मेरे लिए एक कप्तान या लीडर नहीं हैं। क्यूंकि वह अपने विचारों में काफी स्वार्थी है। इसके चलते हुए ही मैं उनको व्यक्तिगत तौर पर ज्यादा नहीं जानता हूं। इसके अलावा फुटबॉल को लेकर उनकी जो सोच है, वह खेल के प्रति मेरे मूल्यों से मेल नहीं खाती है। इस बीच उन्होंने अब एम्बाप्पे की तुलना में टीम के अन्य खिलाड़ियों जैसे विलियम सलीबा, एनगोलो कांटे और एंटोनी ग्रीजमैन की काफी तारीफ की है। क्यूंकि ये सभी अपने आप से पहले टीम को आगे रखते हैं।
आयरलैंड के खिलाफ वार्म-अप मैच के बाद उठे सवाल :-

इसके अलावा अब उनका यह नया विवाद आज यानी 9 जून को फीफा वर्ल्ड कप से ठीक पहले खेले गए एक फ्रेंडली मैच के बाद और गहरा गया है। लेकिन फिर भी फ़्रांस की फुटबॉल टीम ने इस मैच में उत्तरी आयरलैंड को 3-1 से हरा दिया है। इस मैच में फ्रांस की तरफ से माइकल ओलिस ने शानदार हैट्रिक लगाई है। इसके बावजूद भी कप्तान के तौर पर एम्बापे का प्रदर्शन और टीम को साथ लेकर चलने का रवैया आलोचकों के निशाने पर रहा है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड के काफी करीब हैं किलियन एम्बापे :-
इसके अलावा अभी तक किलियन एम्बापे फ्रांस के लिए 94 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलते हुए कुल 56 गोल कर चुके हैं। इसके अलावा पिछले दो वर्ल्ड कप (2018 और 2022) में खेलते हुए उन्होंने कुल 12 गोल भी दागे हैं। इसके अलावा अब यदि इस फुटबॉल वर्ल्ड कप में भी वह 4 गोल और कर लेते हैं तो वे जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस के ऑल-टाइम वर्ल्ड कप रिकॉर्ड (16 गोल) की बराबरी कर लेंगे।

इसके अलावा रियल मैड्रिड के लिए भी इस सीजन ला लीगा के 32 मैचों में खेलते हुए उन्होंने कुल 20 गोल और 4 असिस्ट किए हैं। इसके अलावा इस दौरान उनके व्यक्तिगत आंकड़े भी काफी शानदार हैं। इसके बाद भी अब मुख्य सवाल यही है कि क्या वे अपने इस व्यक्तिगत प्रदर्शन को टीम की सामूहिक सफलता में बदल पाएंगे।
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