इंग्लैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की। 18 जून (गुरूवार) को खेले गए ग्रुप L के मुकाबले में थॉमस टुखेल की टीम ने क्रोएशिया को 4-2 से हराकर तीन अहम अंक हासिल किए। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में हैरी केन (Harry Kane) ने दो गोल दागे, जबकि जूड बेलिंघम और मार्कस रैशफोर्ड ने भी स्कोरशीट पर अपना नाम दर्ज कराया।
हालांकि, यह मुकाबला अंतिम स्कोरलाइन में जितना आसान दिख रहा है, मैदान पर उतना आसान नहीं था। क्रोएशिया ने पहले हाफ में दो बार बराबरी करके इंग्लैंड को कड़ी चुनौती दी थी। लेकिन दूसरे हाफ में थ्री लायंस ने अपना खेल पूरी तरह बदल दिया और अंत में 4-2 की जीत के साथ टूर्नामेंट का आगाज किया।
पेनल्टी ड्रामे के बाद केन ने दिलाई बढ़त
इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत से ही क्रोएशिया पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था, जिसका फायदा उसे 12वें मिनट में मिला। युवा विंगर नोनी मादुएके गेंद लेकर बॉक्स के अंदर घुसे, जहां उन्हें रोकने की कोशिश में लुका मोड्रिच ने फाउल कर दिया। इसके बाद रेफरी ने तुरंत पेनल्टी का इशारा किया और इंग्लैंड को मैच में बढ़त हासिल करने का सुनहरा मौका मिल गया।
हालांकि, क्रोएशिया के गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच ने हैरी केन का पहला प्रयास बचा लिया, लेकिन VAR जांच में सामने आया कि वह पहले ही लाइन से आगे निकल चुके थे। इसके बाद क्रोएशिया को दोबारा पेनल्टी मिली और इस बार इंग्लैंड के कप्तान ने कोई गलती नहीं की। उन्होंने गेंद को नेट में पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
यह वही केन थे, जिन्होंने वर्ल्ड कप 2022 के क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में फ्रांस के खिलाफ अहम पेनल्टी गंवाई थी। ऐसे में टूर्नामेंट के पहले ही मैच में दबाव झेलकर गोल करना उनके लिए भी राहत की बात रही।
क्रोएशिया ने दो बार की शानदार वापसी
इंग्लैंड की वह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी और क्रोएशिया के मार्टिन बातुरिना ने 36वें मिनट में शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए गोल दागकर स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया। हालांकि, जॉर्डन पिकफोर्ड गेंद तक जरूर पहुंचे, लेकिन उसे गोल में जाने से नहीं रोक सके।
हाफ टाइम से पहले इंग्लैंड ने 42वें मिनट में फिर बढ़त हासिल कर ली। हैरी केन ने डेक्लन राइस के कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाते हुए अपना दूसरा गोल दाग दिया। इसी गोल के साथ उन्होंने इंग्लैंड के लिए फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 10 गोल करने के गैरी लिनेकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
लेकिन इस गोल के बाद भी क्रोएशिया ने हार नहीं मानी। इवान पेरिसिच और मारियो पासालिच की शानदार मूव के बाद पेटार मूसा नेस्टॉपेज टाइम में बेहतरीन वॉली लगाकर स्कोर 2-2 कर दिया। दोनों टीमों ने हाफ टाइम तक ही चार गोल दाग दिए थे और मुकाबला दिलचस्प हो गया था।
दूसरे हाफ में बदल गई इंग्लैंड की तस्वीर
पहले हाफ में इंग्लैंड कई मौकों पर असहज नजर आया था। मैच के बाद हेड कोच थॉमस टुखेल ने भी माना कि उनकी टीम शुरुआत में नर्वस थी और सही लय नहीं पकड़ पा रही थी।
हालांकि, ब्रेक के बाद मैदान पर बिल्कुल अलग इंग्लैंड दिखाई दिया। इसका अंदाजा इस आंकड़े से लगाया जा सकता है कि पहले हाफ में इंग्लैंड सिर्फ 33 प्रतिशत ग्राउंड ड्यूल जीत पाया था, लेकिन दूसरे हाफ में यह आंकड़ा बढ़कर 73 प्रतिशत तक पहुंच गया। यही बदलाव मैच में भी नजर आया। इंग्लैंड ने मिडफील्ड पर पकड़ बनाया और क्रोएशिया को लगातार पीछे धकेलना शुरू कर दिया।
बेलिंघम ने इंग्लैंड की ओर किया मैच का रुख
दूसरे हाफ की शुरुआत के दो मिनट बाद ही जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड को फिर बढ़त दिला दी। उन्होंने दाईं तरफ से अंदर आते हुए शानदार फिनिश किया और स्कोर 3-2 कर दिया। यह गोल मैच का टर्निंग पॉइंट भी साबित हुआ। इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार अटैक किए और क्रोएशिया की डिफेंस लाइन पर दबाव बढ़ा दिया।
नंबर 10 की भूमिका में खेल रहे बेलिंगघम इस मुकाबले में काफी प्रभावशाली नजर आए और उन्होंने साबित किया कि बड़े मंच पर उनसे इतनी उम्मीदें क्यों की जाती हैं।
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रैशफोर्ड ने जीत पर लगाई मुहर
इंग्लैंड ने 85वें मिनट में चौथा गोल दागकर मुकाबला पूरी तरह अपने नाम कर लिया। सब्स्टीट्यूट बुकायो साका ने शानदार मूव बनाया और मार्कस रैशफोर्ड को गेंद थमाई। रैशफोर्ड ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद क्रोएशिया की वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं और इंग्लैंड ने आराम से मैच अपने नाम कर लिया।
दिलचस्प बात यह है कि फीफा वर्ल्ड कप 2018 के सेमीफाइनल में भी इंग्लैंड ने क्रोएशिया के खिलाफ शुरुआती बढ़त हासिल की थी, लेकिन तब उसे हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, इस बार कहानी अलग रही। क्रोएशिया ने दो बार बराबरी की, लेकिन इंग्लैंड ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की और टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए।
हैरी केन ने बनाया नया रिकॉर्ड
इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो कप्तान हैरी केन रहे। उन्होंने दो गोल करने के अलावा एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। अब वह फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में (पेनल्टी शूटआउट को छोड़कर) सबसे ज्यादा पेनल्टी (5) गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
इतना ही नहीं, केन अब इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने के मामले में वह गैरी लिनेकर (10 गोल) की बराबरी पर पहुंच चुके हैं। यही वजह रही कि उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
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लिवाकोविच ने रोकी बड़ी हार
इस मुकाबले के दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने कई बेहतरीन मौके बनाए, लेकिन डोमिनिक लिवाकोविच ने अपनी शानदार गोलकीपिंग से उनके कई कोशिशों को नाकाम कर दिया। अगर लिवाकोविच अच्छा प्रदर्शन नहीं करते, तो क्रोएशिया को इससे कहीं बड़ी हार झेलनी पड़ सकती थी।
क्रोएशियाई गोलकीपर ने इस मैच में कई अहम सेव किए और अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, वह इंग्लैंड के लगातार अटैक और दबाव को रोकने में कामयाब नहीं हो सके।
इंग्लैंड ने ग्रुप L में हासिल किया पहला स्थान
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप L की पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल कर लिया है। अब उनके खाते में 3 अंक हैं और उसका गोल अंतर +2 है। दूसरी ओर, क्रोएशिया के लिए यह हार शुरुआती झटका साबित हुई है। वह फिलहाल बिना किसी अंक के चौथे स्थान पर है। अब अगले मुकाबले में उसके ऊपर वापसी करने का दबाव रहेगा।
इसके अलावा, इस ग्रुप में घाना ने भी पनामा के खिलाफ अपना पहला मुकाबला जीता है और उसके खाते में भी 3 अंक हैं, लेकिन गोल अंतर के आधार पर इंग्लैंड पहले स्थान पर बना हुआ है।
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