भारत में भी मार्शल आर्ट प्राचीन संस्कृति और पारंपरिक खेलों का हिस्सा है। दक्षिण भारत से मार्शल आर्ट की शुरुआत हुई और वर्तमान समय में हिंदुस्तान के अलग-अलग क्षेत्रों में इसे उनकी संस्कृति के हिसाब से अलग-अलग नाम से जाना जाता है।
Author: Sanjay Bisht
उन्होंने 42 साल तक हॉकी खेला और इस दौरान नए-नए किर्तीमान स्थापित किए। ‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से प्रसिद्ध मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहबाद में हुआ था
अपने कमाल के खेल कौशल के द्वारा विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले मेजर ध्यानचंद को साल 1956 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। जानकारी के लिए बता दें कि मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर खेल दिवस मनाया जाता है।
खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को शिकस्त देकर इसकी ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया।
बता दें कि न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में 19 जुलाई 2026 को फीफा विश्वकप का अहम फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।
खेल मंत्री ने कहा, “हमने उन्हें मेजबानी में होने वाली कठिनाईयों के बारे में बताया क्योंकि यहां मानसून होगा। इसलिए वे अक्टूबर 2025 में खेलने के लिए सहमत हुए।”
मेजर ध्यानचंद के हॉकी कौशल का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि जब भी वो मैदान पर उतरते थे। ऐसे में विरोधी टीम से सचमुच होश ठिकाने नहीं रहते थे।
इस दौरान एक तरफ जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम पाकिस्तान को हराकर फाइनल में पहुची है। वहीं, भारत की अंडर-19 टीम ने अब तक इसके टूर्नामेंट का एक भी मैच नहीं हारा है।
अगर बात करें भारत की तो वो वनडे फॉर्मेट की बुरी यादों को भुलाकर एक बार फिर से पूरे दमखम के साथ टी-20 विश्वकप 2024 में अपनी मौजूदगी को दर्ज कराना चाहेगा।
रणजी ट्रॉफी 2024 के सीजन में एलीट ग्रुप बी में छत्तीसगढ़ और मुंबई के बीच मुकाबला खेला गया।
