Author: Sanjay Bisht

साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

सरफराज ने पिछले कुछ सालों से घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया था और कई लोगों के द्वारा उनको टीम में शामिल करने की मांग उठाई जा रही थी।

राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में भारतीय टीम ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 5 विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाए। इस दौरान कप्तान रोहित शर्मा और हरफनमौला खिलाड़ी रविंद्र जडेजा ने शतक भी लगाया। लेकिन कप्तान रोहित शर्मा के शतक ने आज एक नया किर्मीमान स्थापित किया है।

ध्रुव जुरेल के पिता ने उनकी पूरी जिंदगी कंधे पर बंदूक टांगकर देश की रक्षा की है। उन्होंने कारगिल वार में पाकिस्तान को धूल चटाई है। इस खिलाड़ी के बारे में एक बात खूब की खूब चर्चा हो रही है।

भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने एक नया किर्तीमान स्थापित कर दिया है। अब वह सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के साथ एक खास क्लब में शामिल हो गए हैं। 

महज 16 साल की उम्र में ध्यानचंद भारतीय सेना में शामिल हो गए थे। इसके बाद ही उन्होंने हॉकी खेलना शुरु किया। मेजर ध्यानचंद ने जैसे ही हॉकी की दुनिया में कदम रखा वैसे ही एक के बाद एक रिकॉर्ड बनाते गए।

आज के समय में स्पोर्ट्स स्पेशलिस्ट की मांग तेजी से बढ़ रही है। अगर आप भी इस क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे हैं तो इससे पहले इसके जरूरी पहलुओं के बारे में जानना होगा। 

भारत में भी मार्शल आर्ट प्राचीन संस्कृति और पारंपरिक खेलों का हिस्सा है। दक्षिण भारत से मार्शल आर्ट की शुरुआत हुई और वर्तमान समय में हिंदुस्तान के अलग-अलग क्षेत्रों में इसे उनकी संस्कृति के हिसाब से अलग-अलग नाम से जाना जाता है। 

उन्होंने 42 साल तक हॉकी खेला और इस दौरान नए-नए किर्तीमान स्थापित किए। ‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से प्रसिद्ध मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहबाद में हुआ था