Author: Sanjay Bisht

साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

इन गेम्स को खेल कर बच्चों को खुद से सुपरमैन वाली फीलिंग आती है। आजकल सिर्फ बच्चे ही नहीं बल्कि कई वयस्क भी गेम्स के दिवाने हैं। खासकर स्नाइपर गेम्स को लोग बेहद पसंद करत हैं।

इस सीरीज के लिए टीम इंडिया में काफी बदलाव किया गया है। इस बार युवा खिलाड़ियों को टीम में जगह दी गई है। यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में जगह दी गई है। 

लेकिन कश्यप का यहां पर काफी खराब प्रदर्शन रहा है। वहीं, दूसरी तरफ डबल्स टीम के खिलाड़ी कृष्णा प्रसाद गाराग और विष्णुवर्धन गौड़ पंजाला दूसरे राउंड में पहुंच गए हैं। 

भारतीय टीम के लिए माही ने आईसीसी के सारे खिताब जीते हैं। धोनी की महानता का एक बड़ा कारण शानदार क्रिकेटर होने के साथ-साथ एक बेहतरीन इंसान होना भी है।

इस दौरे में भारतीय टीम पूरी बदलती हुई नजर आने वाली है। इसके पीछे का कारण कई सीनियर खिलाड़ियों की टीम से छुट्टी होना और इसी तरह कई युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना है।

अभी भी इसके क्वालीफायर के लिए मुकाबले खेले जा रहे हैं। इस दौरान एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहांं पर अपने क्रिकेट इतिहास में पहली बार वेस्टइंडीज की टीम को विश्वकप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई।

ये उनके लिए एक शानदार अंदाज में दर्ज की जीत थी। इसके बाद अब नोवाक जोकिविच ने टेनिस के लिए अन्य महान खिलाड़ी राफेल नडाल की भी बराबरी कर ली है।