क्रिकेट को जेंटलमैन गेम कहा जाता है, इसलिए क्रिकेट खिलाड़ियों से अच्छे व्यवहार और अच्छे आचरण की उम्मीद की जाती है। लेकिन कई बार कुछ खिलाड़ी इस उम्मीद पर खरे नहीं उतरते। खासकर शराब या नशे की लत ने कुछ बड़े क्रिकेटर्स को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। कुछ तो इतने बुरी तरह फंसे कि उनका करियर भी खत्म हो गया।
आज हम उन 5 मशहूर क्रिकेट खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं जो कभी अपनी टीम के स्टार खिलाड़ी थे, नशे की आदत ने उनका करियर बर्बाद कर दिया।
1. जेसी राइडर

न्यूजीलैंड के दमदार बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत बहुत शानदार तरीके से की थी। खासकर 2009-10 में भारत के खिलाफ खेले गए मैचों में उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन किया, जो उनके करियर का बेस्ट प्रदर्शन भी साबित हुआ।
जेसी राइडर जल्द ही शराब की लत में फंस गए। मार्च 2013 में क्राइस्टचर्च के एक बार में कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके सिर में गंभीर चोट आई और वह कई दिनों तक कोमा में रहे। बाद में उन्होंने वापसी की और रन भी बनाए, लेकिन अफसोस की बात यह रही कि वे शराब की आदत नहीं छोड़ सके। यही आदत उनके करियर के लिए बड़ी रुकावट बन गई।
2. जेम्स फॉकनर

ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर जेम्स फॉकनर को क्रिकेट की दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में गिना जाता था। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। खासतौर पर आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए उन्होंने खास प्रदर्शन दिया जो क्रिकेट प्रेमियों को खूब पसंद आया। वह मुश्किल समय में मैच जिताने की क्षमता रखते थे। फॉकनर की जिंदगी में 2015 एक बुरे सपने की तरह आया, इंग्लैंड के मैनचेस्टर में उन्हें शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अपने देश की छवि को बदनाम करने के लिए ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड द्वारा उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसके बाद फॉकनर ने टीम में अपनी जगह खो दी।
3. हर्शल गिब्स

साल 2001 में एक क्रिकेट दौरे के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई। एक टीम के पांच खिलाड़ी एक होटल के कमरे में थे और उन्होंने मिलकर गांजा पिया था। जब उन्हें नशे की हालत में पकड़ा गया, तो यह मामला बोर्ड के सामने पहुंचा। सभी खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया गया और एक खिलाड़ी को छह महीने का बैन भी झेलना पड़ा। खास बात यह थी कि इस खिलाड़ी को पहले भी अनुशासनहीनता के कारण सजा मिल चुकी थी। इस घटना ने उनके करियर पर बुरा असर डाला। मैदान के बाहर उनकी हरकतें उन्हें लगातार शर्मिंदा करती रहीं, उनके ऊपर शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप लगे, शराब को लेकर उनकी लत इतनी अधिक थी कि उन्हें एक महीने के रिहेबिलिटेशन प्रोग्राम में शामिल होना पड़ा।
4. विनोद कांबली

सचिन तेंदुलकर के करीबी दोस्त और टीममेट विनोद कांबली नशे की बुरी आदत का शिकार हो गए थे। 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में उन्होंने दोहरा शतक लगाकर खूब चर्चा बटोरी। उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 21 साल थी। लेकिन इतनी शानदार शुरुआत के बावजूद उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं चल पाया।
विनोद कांबली ने कई बार इस बात को स्वीकार किया कि उन्हें शराब की लत लग गई थी। यही लत और कुछ दूसरी गलत आदतें उनके करियर के लिए भारी साबित हुईं। अगर उन्होंने अपना ध्यान सिर्फ खेल पर रखा होता, तो शायद वे भारत के सबसे बड़े बल्लेबाज़ों में गिने जाते।
5. एंड्रयू साइमंड्स

ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक थे, जो हर फॉर्मेट में अपनी टीम के लिए बहुत जीत का फैक्टर माने जाते थे। वे बल्ले और गेंद दोनों से खेल में प्रभाव डालते थे। लेकिन उन्हें शराब की बुरी आदत लग गई थी। खुद उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे एक बार में पूरी शराब की बोतल पी सकते हैं। 2009 के बाद उनके करियर में गिरावट आने लगी। अनुशासन की कमी की वजह से उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
दुख की बात है कि मई 2022 में एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। उनका करियर एक बड़ी मिसाल है कि आदतें और अनुशासन अगर सही न हों, तो टैलेंट होने के बाद भी सफलता हाथ से निकल सकती है।
इन खिलाड़ियों की कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि चाहे टैलेंट कितना भी हो, अनुशासनहीनता और खराब लत के कारण करियर बर्बाद हो सकता है। सफलता के लिए सही आदतें और संयम बहुत जरूरी हैं, तभी कोई खिलाड़ी लंबे समय तक ऊँचाइयों पर बना रह सकता है

