Sydney Test के दूसरे दिन Joe Root के ऐतिहासिक शतक ने इंग्लैंड को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
The Ashes 2025-26 के पांचवें और आखिरी टेस्ट में Sydney Cricket Ground पर खेल का दूसरा दिन पूरी तरह से Joe Root के नाम रहा। इंग्लैंड के इस अनुभवी बल्लेबाज ने न केवल टीम को संकट से बाहर निकाला, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल की। रूट ने अपनी पारी के दौरान धैर्य, तकनीक और अनुभव का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
बता दें कि, पहले दिन खराब रोशनी के कारण खेल जल्दी रोकना पड़ा था और रूट 72 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। दूसरे दिन उन्होंने बिना किसी दबाव के अपनी पारी को आगे बढ़ाया और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की हर चुनौती का शांत दिमाग से सामना किया।
41वां टेस्ट शतक जड़कर Joe Root ने की Ricky Ponting की बराबरी
Joe Root ने दूसरे दिन अपना शतक पूरा करते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपना 41वां शतक लगाया। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज Ricky Ponting की बराबरी करते हुए पुरुष टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए।
यह शतक रूट के करियर के साथ साथ इस सीरीज के लिहाज से भी बेहद खास रहा। दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा एशेज सीरीज से पहले रूट ने ऑस्ट्रेलिया में खेले 14 टेस्ट मैचों में एक भी शतक नहीं लगाया था। सिडनी में आया यह शतक उनके लंबे इंतजार का अंत भी साबित हुआ।
टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज
- सचिन तेंदुलकर – 51 शतक
- जैक्स कैलिस – 45 शतक
- रिकी पोंटिंग, जो रूट* – 41 शतक
- कुमार संगकारा – 38 शतक
- स्टीव स्मिथ*, राहुल द्रविड़ – 36 शतक
कठिन हालात में आई रूट की बड़ी पारी
जब जो रूट बल्लेबाजी कर रहे थे, तब उस समय दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। काफी देर तक उनका साथ देने वाले Harry Brook 84 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कप्तान Ben Stokes बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। इसके बाद भी रूट ने अपनी एकाग्रता बनाए रखी और टीम को संभाल कर आगे बढ़ाया।
लंच तक रूट 138 रन बनाकर नाबाद रहे और इंग्लैंड को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया। पिच पर असमान उछाल था और गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, लेकिन रूट ने अपने फुटवर्क और शॉट चयन से हालात को अपने पक्ष में रखा।
160 रनों पर हुआ जो रूट की पारी का अंत
लंच के बाद रूट ने 150 रन का आंकड़ा पार किया और अपनी पारी को और मजबूती दी। आखिरकार उन्हें 160 रन पर पवेलियन लौटना पड़ा, जब ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज Michael Neser ने शानदार कॉट एंड बोल्ड का नमूना पेश करते हुए उन्हें आउट किया। रूट की यह पारी इंग्लैंड की पूरी पारी की रीढ़ साबित हुई। हालांकि, उनके आउट होने के कुछ देर बाद इंग्लैंड की टीम 384 रन पर ऑलआउट हो गई। इस स्कोर में रूट के रन सबसे अहम रहे और इसी की बदौलत इंग्लैंड इस मुकाबले में बना रहा।
इंग्लैंड के लिए शतक की अहमियत
Joe Root का यह शतक सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था, बल्कि टीम के लिए भी बेहद जरूरी रहा। इंग्लैंड सीरीज में 3-1 से पीछे चल रहा है और Sydney Test जीतकर वह सम्मान के साथ सीरीज खत्म करना चाहता है। इस मैच में जीत से इंग्लैंड को ICC World Test Championship के 12 अहम अंक मिलेंगे, जो उन्हें नौ टीमों की तालिका में सातवें स्थान से ऊपर ले जा सकते हैं।
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