फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक ब्राजील बनाम मोरक्को (Brazil vs Morocco) मैच भी है। न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मुकाबले पर दुनिया भर के फुटबॉल फैंस की नजरें टिकी हुई हैं। एक तरफ कार्लो एंसेलोटी की अगुवाई वाली ब्राजील टीम है, जबकि दूसरी तरफ 2022 वर्ल्ड कप में इतिहास रचने वाली मोरक्को की टीम खड़ी है।
यह मुकाबला सिर्फ तीन अंक हासिल करने की लड़ाई नहीं है। यह 28 साल पुराने इतिहास से भी जुड़ा हुआ है। पिछली बार जब फीफा विश्व कप में ब्राजील और मोरक्को आमने-सामने आए थे, तब ब्राजील ने एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की थी। हालांकि, अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और मोरक्को खुद को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
1998 में ब्राजील ने आसानी से जीता था मुकाबला
ब्राजील और मोरक्को की आखिरी वर्ल्ड कप भिड़ंत 1998 में फ्रांस में खेले गए टूर्नामेंट में हुई थी। उस समय ब्राजील मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन था और उस टीम में रोनाल्डो, रिवाल्डो और बेबेटो जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे।
नांतेस में खेले गए उस मुकाबले में ब्राजील ने मोरक्को को 3-0 से हराकर उसकी उम्मीदों को बड़ा झटका दिया था। उस दौर में दोनों टीमों के बीच स्तर का अंतर काफी बड़ा माना जाता था और परिणाम भी उसी का प्रतिबिंब था।
अब पहले जैसा नहीं रहा मोरक्को
साल 2022 के वर्ल्ड कप के बाद मोरक्को की पहचान पूरी तरह बदल चुकी है। कतर में खेले गए टूर्नामेंट में मोरक्को सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बनी थी। उस प्रदर्शन ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया और यह साबित कर दिया कि टीम अब सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि बड़े देशों को चुनौती देने के लिए मैदान में उतरती है।
मोरक्को ने पिछले कुछ सालों में अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया है। उसने न केवल अपनी डिफेंस में मजबूती दिखाई है, बल्कि बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की क्षमता भी विकसित की है।
अशरफ हकीमी ने ब्राजील को दी चेतावनी
मोरक्को के कप्तान अशरफ हकीमी इस मुकाबले को पूरी तरह बराबरी की टक्कर मानते हैं। उनका मानना है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में कोई भी टीम फेवरिट नहीं होती।
हकीमी ने कहा कि यह मुकाबला 50-50 का है और नतीजा छोटे-छोटे पलों से तय होगा। उनके मुताबिक जो टीम अपने मौकों का बेहतर इस्तेमाल करेगी, जीत उसी की होगी। यह बयान साफ दिखाता है कि मोरक्को अब खुद को अंडरडॉग नहीं मानता।
कोच मोहम्मद औहाबी को अपनी टीम पर पूरा भरोसा
मोरक्को के हेड कोच मोहम्मद औहाबी भी मुकाबले से पहले काफी आत्मविश्वास में नजर आए। उन्होंने कहा कि टीम का माहौल शानदार है और खिलाड़ियों को अपने खेल पर पूरा भरोसा है।
औहाबी पहली बार FIFA वर्ल्ड कप में किसी सीनियर टीम की कोचिंग कर रहे हैं। हालांकि, पिछले साल अंडर-20 स्तर पर मिली सफलता ने उनके आत्मविश्वास को काफी मजबूत किया है। उनका मानना है कि आने वाले मैच बताएंगे कि उनकी टीम वास्तव में किस स्तर पर खड़ी है।
ब्राजील भी मोरक्को को हल्के में नहीं ले रहा
ब्राजील के स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर ने भी स्वीकार किया है कि मोरक्को पहले की तुलना में काफी मजबूत टीम बन चुका है। उन्होंने कहा कि मोरक्को बेहद संगठित टीम है और किसी भी प्रतिद्वंद्वी को मुश्किल में डाल सकता है।
ब्राजील को यह भी याद होगा कि मार्च 2023 में खेले गए एक अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में मोरक्को ने उसे 2-1 से हराया था। वह मोरक्को की ब्राजील पर पहली जीत थी और उसी ने दिखा दिया था कि दोनों टीमों के बीच अंतर पहले जैसा नहीं रहा।
क्या इस बार बदलेगा इतिहास?
1998 में ब्राजील स्पष्ट रूप से मजबूत टीम थी, लेकिन 2026 में तस्वीर अलग नजर आती है। ब्राजील अभी भी टूर्नामेंट जीतने के प्रबल दावेदारों में शामिल है, लेकिन मोरक्को के पास भी ऐसा स्क्वाड और आत्मविश्वास है जो किसी भी बड़े देश को परेशान कर सकता है।
यही वजह है कि ब्राजील बनाम मोरक्को मुकाबला ग्रुप स्टेज के सबसे रोमांचक मैचों में गिना जा रहा है। 28 साल पहले ब्राजील ने आसानी से जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार मोरक्को के पास इतिहास बदलने का सुनहरा मौका होगा।
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