इंडिया और न्यूज़ीलैंड के बीच व्हाइट बॉल की सीरीज शुरू होने वाली हैं। दोनों टीमों के बीच पहले वनडे सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज की शुरूआत 11 जनवरी को होगी।
वनडे सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल प्री सीरीज प्रेस कांफ्रेंस के लिए आये थे। वो टी20 वर्ल्ड कप से ड्रॉप होने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आये थे। उन्होंने टीम से बाहर होने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है।
चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करता हूँ- शुभमन गिल

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले शुभमन गिल प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने आए। इस दौरान उनसे टी20 वर्ल्ड कप टीम में जगह न मिलने को लेकर सवाल पूछा गया। गिल ने कहा कि वह अपनी स्थिति से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि इंसान वहीं पहुंचता है, जहां उसकी किस्मत में लिखा होता है और जो उसके हिस्से का है, उसे कोई छीन नहीं सकता।
शुभमन गिल ने आगे कहा कि हर खिलाड़ी देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना चाहता है। चयनकर्ताओं ने जो फैसला लिया है, वह उनका अधिकार है और वह उस फैसले का सम्मान करते हैं। साथ ही गिल ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई भारतीय टीम को शुभकामनाएं भी दीं।
टी20 इंटरनेशनल में ख़राब फॉर्म के चलते हुए थे ड्रॉप
अगर शुभमन गिल के हालिया टी20 प्रदर्शन पर नजर डालें, तो साल 2025 में उन्होंने भारत के लिए 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। इस दौरान वह 24.25 की औसत और 137 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 219 रन ही बना सके। इस बीच वह एक भी अर्धशतक नहीं जड़ पाए। उन्हें लगातार ओपनर के तौर पर मौके मिले, लेकिन वह उन अवसरों का पूरा फायदा नहीं उठा सके, जिसके चलते आखिरकार उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा।
अब तक गिल भारत के लिए 36 टी20 मुकाबलों में 869 रन बना चुके हैं, जहां उनका औसत 28 से थोड़ा ज्यादा रहा है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज पर है, जिसमें वह अच्छा प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे।
गिल की जगह अक्षर को बनाया गया उपकप्तान
गौरतलब है कि शुभमन गिल के टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर होने के बाद अक्षर पटेल को भारतीय टी20 टीम का उपकप्तान बनाया गया है। गिल के पहले अक्षर ही टीम के उपकप्तान थे लेकिन शुभमन के आने के बाद उनको हटा दिया गया था।
भारत इस बार अपने घर में टी20 वर्ल्ड कप खिताब बचाने के इरादे से उतरेगा। पिछली बार 2024 में टीम इंडिया ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर 2007 के बाद पहली बार टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की थी।

