विश्व पैरा चैंपियनशिप 2024 में भारत की बेटियों का जलवा, दीप्ति और एकता ने बढ़ाया देश का सम्मान

अब भारत विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। पांचवे दिन भारत ने 5 पदक जीते।

कोबे (जापान), 21 मई गत पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने मंगलवार को यहाँ एफ-64 भाला फेंक स्पर्धा में अपना विश्व ख़िताब बरकरार रखा। जबकि थंगावेलू मारियप्पन और एकता भयान ने भी क्रमशः ऊँची कूद और क्लब थ्रो में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद अब भारत विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। पांचवे दिन भारत ने 5 पदक जीते। खबर लिखे जाने तक भारत की झोली में कुल 11 पदक आ चुके हैं। जिसमे चार स्वर्ण, चार रजत और 3 कांस्य पदक के साथ भारत मौजूदा वक्त में तीसरे स्थान पर चल रहा है। इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक और 2023 विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले सुमित ने भाले को 69.50 मीटर की दूरी तक फेंक कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया।

सुमित अंतिल

Sumit Antal

सुमित ने पिछले साल चीन के हांगझोउ में पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के दौरान 73.29 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। बता दें कि विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम पर है। जो उन्होंने 2023 में स्वर्ण पदक जीतकर यह रिकॉर्ड बनाया था। सुमित के हमवतन संदीप ने इसी स्पर्धा में 60.41 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता जबकि श्रीलंका के दुलान कोडीथुवाकू ने 66.49 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक जीता। सुमित ने पूरे मुकाबले के दौरान बढ़त बनाई रखी। उन्होंने 68.17 के साथ अपनी शुरुआत की और अपने दूसरे प्रयास में 69.50 मीटर के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। सुमित ने अगले चार प्रयासों को क्रमशः 64.04, 65.58, 69.03 और 68.08 मीटर की दूरी तक भाला फेंका।

थंगावेलू मारियप्पन

Thangavelu Mariyappan

मारियप्पन ने टी63 चैम्पियनशिप रिकॉर्ड के साथ ऊँची कूद में 1.88 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह उनके 8 साल के करियर में उनके लिए किसी बड़ी प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक है। अमेरिका के एजरा फ्रेच और सिम ग्रेव ने 1.85 मीटर और 1.82 मीटर के प्रयास के साथ क्रमश रजत और कांस्य पदक जीते। बता दें कि 5 वर्ष की आयु में मारियप्पन को अपने दाहिने पैर स्थायी दिव्यंयागता का सामना करना पड़ा। जब वे स्कूल जाते समय शराब के नशे में एक बस चालक ने उनका पैर कुचल दिया था। उसके बाद उन्होंने अपनी हिम्मत नही हारी और कड़ी मेहनत और जज्बे के साथ आगे बढ़ती गयी और आज विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रही हैं। 

एकता भयान

Ekta Bhayan

देश की इस बेटी ने पहले एफ51 क्लब थ्रो में 20.12 मीटर के साथ अपने करियर का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। बाद में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसी स्पर्धा में भारत की दूसरी महिला एथलीट कशिश लकड़ा ने 14.56 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया। अगर बात करें एकता भयान की तो उन्होंने हरियाणा सिविल सेवा अधिकारी में पैरा एशियाई खेलों में भी कांस्य पदक जीता था। एकता शुरू से ही मेडिकल लाइन में अपना करियर बनाना चाहती थी लेकिन साल 2003 में एक सड़क हादसे ने उनके सपने को वही पर खत्म कर दिया। यह दुर्घटना सोनीपत के कुंडली के पास हुई जब दिल्ली – हरियाणा सीमा पर एक ट्रक उनकी कैब पर पलट गयी। इस हादसे के दौरान उनके रीड की हड्डी में चोट लगी।

दीप्ती जीवनजी 

Deepti Jeewanji

दीप्ती जीवनजी ने जापान के कोबे में 20 मई 2024 को विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर रेस में 55.07 सेकेंड के साथ स्वर्ण पदक जीता और देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया। पैरा विश्व चैम्पियनशिप की ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला धावक बनी और इसी के साथ एक नया इतिहास भी रच दिया। इस उपलब्धि के साथ ही दीप्ती ने इस ट्रैक स्पर्धा को जीतकर पेरिस का भी टिकट अपने नाम कर लिया है। दीप्ती जीवनजी ने अमेरिका की ब्रियाना क्लार्क के 55.12 सेकेंड के रिकॉर्ड को ब्रेक करके पहला स्थान हासिल किया। तुर्की की एसिल ओंडेर 55.19 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। जबकि एकाडोर की लिंजाशेला एन्गुलो 55.68 सेकेंड के साथ इस रेस में तीसरे स्थान पर रहीं। 

कब तक चलेगा मुकाबला 

 कोबे में 17 से 25 मई 2024 तक पैरालंपिक विश्व चैम्पियनशिप के 11वें संस्करण का आयोजन चल रहा है। बता दें कि जापान इसकी मेजबानी कर रहा है। 100 से अधिक देशों के 1000 से अधिक एथलीट 168 पदक स्पर्धाओ के लिए फाइट चल रही है। जिसमें 92 पुरुष और 75 महिलाएं शामिल हैं। 

मेडल सूची

नाम  खेल  मेडल  संख्या 
दीप्ती जीवनजी  400 मी. रेस  स्वर्ण पदक 
एकता भयान  एफ51 क्लब थ्रो स्वर्ण पदक
थंगावेलू मारियप्पन  ऊँची कूद स्वर्ण पदक
सुमित अंतिल भाला फेंक  स्वर्ण पदक 
कशिश लागड़ा  एफ51 क्लब थ्रो रजत पदक 
संदीप  भाला फेंक  कांस्य पदक 
सचिन खिलारी  शॉट पुट एफ46 स्वर्ण पदक 

 

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