Doping: इस समय पाकिस्तान से डोपिंग को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। इस समय खेल मध्यस्तता न्यायालय की एंटी-डोपिंग डिवीजन ने डोपिंग कार्यों में लिप्त होने के चलते पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और कोच पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। क्यूंकि इन दोनों को ही खिलाड़ियों और नाबालिगों को प्रतिबंधित दवाएं देने का दोषी पाया गया है।
पाकिस्तान में उजागर हुआ डोपिंग का नया मामला :-
इसके अलावा पाकिस्तान हमेशा अपनी नापाक हरकतों की वजह से पूरी दुनिया में रोज ही अपनी किरकिरी कराता रहता है। वहीं अब पाकिस्तान ने ऐसा ही कुछ खेल जगत में भी कर दिया है। इसके चलते हुए वह अब कहीं भी अपना मुंह दिखाने लायक नहीं बचा है।

क्यूंकि इस समय खेल मध्यस्तता न्यायालय की एंटी-डोपिंग डिवीजन ने पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ के पूर्व अध्यक्ष हाफिज इमरान बट और कोच इरफान बट पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। इस समय इन दोनों को खिलाड़ियों और नाबालिगों को प्रतिबंधित दवाएं देने का दोषी पाया गया।
साल 2014-16 का है मामला हुआ उजागर :-
इस समय खेल मध्यस्तता न्यायालय के एक फैसले के अनुसार साल 2014 से 2016 के बीच इन दोनों पाकिस्तानी अधिकारियों ने बड़े स्तर पर डोपिंग गतिविधियों को बढ़ावा दिया था। क्यूंकि तब उन्होंने काफी खिलाड़ियों को स्टेरॉयड जैसे प्रतिबंधित पदार्थ दिए थे।

वहीं उनके इस गंभीर अपराध को देखते हुए उन्हें अब खेल से हमेशा के लिए बाहर कर दिया गया है। इसके बाद अब वे किसी भी ऐसी गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, जो विश्व एंटी-डोपिंग कोड के तहत आती है।
अबूबकर पर लगा चार साल का प्रतिबंध :-
इसके अलावा अब इस मामले में एक और बड़ा नाम सामने आया है। इसके चलते हुए अब पाकिस्तानी भारोत्तोलक अबूबकर गनी को भी चार साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। क्यूंकि वह साल 2021 विश्व चैंपियनशिप के दौरान डोप टेस्ट में फेल पाए गए थे। तब उनके डोप सैंपल में टैमोक्सीफेन मेटाबोलाइट पाया गया था।

इसके अलावा तब जांच में यह भी पाया गया था कि उन्होंने खुद को बचाने के लिए फर्जी मेडिकल दस्तावेज पेश किए थे। वहीं अब उनकी इस हरकत को डोपिंग प्रक्रिया में छेड़छाड़ माना गया है। इसके चलते हुए अब सीएएस ने गनी पर 6 मार्च 2026 से 5 मार्च 2030 तक प्रतिबंध लागू किया है।
पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ पर भी कसेगा शिकंजा :-
इसके अलावा अब इस पूरे मामले के आने के बाद अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ ने यह भी संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ पर और कड़ी कार्रवाई हो सकती है। क्यूंकि पहले से ही पाकिस्तानी खेल महासंघ एक साल के निलंबन का सामना कर रहा है।

तभी तो अब और नए मामलों के सामने आने के बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसके अलावा अब उनका यह घटनाक्रम खेलों में साफ-सुथरी प्रतिस्पर्धा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है और एंटी-डोपिंग नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है।
स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

