FIFA World Cup 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते हुए अब खेल जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इस बीच अब ईरान ने ऐलान किया है कि उसकी नेशनल फुटबॉल टीम साल 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेने वाली है। वहीं यह टूर्नामेंट 2026 फीफा वर्ल्ड कप अगले साल USA, कनाडा और मैक्सिको में आयोजित होने वाला है।
तभी तो अब ईरान के खेल मंत्री अहमद दोनजामाली ने टीवी पर इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में उनकी टीम के लिए अमेरिका में जाकर खेलना संभव नहीं है। इस बीच अब उन्होंने कहा है कि हम वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेने वाले हैं। इसके आगे उन्होंने अपने बयान में कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान देश की सरकार ने अमेरिका के खिलाफ यह कड़ा रुख अपनाया है।

इसके बाद उन्होंने कहा कि इस भ्रष्ट सरकार ने हमारे नेता की हत्या की है, इसलिए हमारा वर्ल्ड कप में भाग लेने का कोई इरादा नहीं है। इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ बड़े हमले किए गए हैं। वहीं अब उनके मुताबिक बीते 8–9 महीनों में ईरान देश पर दो युद्ध थोपे गए और हजारों नागरिकों की जान गई है।
फीफा और ट्रंप ने दी अपनी प्रतिक्रिया :-

ईरान देश के इस कठिन फैसले से FIFA के लिए भी स्थिति जटिल पैदा हो गई है। इस बीच अब फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रम्प के साथ व्हाइट हाउस में बैठक के बाद सोशल मीडिया पर कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने भरोसा दिलाया है कि ईरान की टीम का वर्ल्ड कप में स्वागत किया जाएगा। लेकिन अब ईरान देश के इस ताजा बयान के बाद इस पर अनिश्चितता और बढ़ गई है।
अब किस देश को मिलेगा फुटबॉल वर्ल्ड कप में मौका :-
इसके अलावा अब ईरान के हटने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसकी जगह वर्ल्ड कप में कौन सा देश खेलने वाला है। वहीं अब फीफा नियमों के अनुसार अगर कोई देश टूर्नामेंट से हटता है या बाहर किया जाता है, तो फीफा को अपने विवेक से किसी अन्य टीम को शामिल करने का अधिकार होता है।

इसके चलते हुए अब इसपर अंतिम फैसला FIFA ही करेगा कि ईरान की जगह किस देश को मौका दिया जाएगा। इसके अलावा साल 2026 का वर्ल्ड कप पहले ही कई कारणों से ऐतिहासिक माना जा रहा है। क्यूंकि यह पहली बार होगा जब टूर्नामेंट तीन देश अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में आयोजित होने वाला है। वहीं इसमें रिकॉर्ड संख्या में 48 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं। तभी तो अब ऐसे में ईरान देश का हटना इस टूर्नामेंट के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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