आईपीएल 2026 का आखिरी और खिताबी मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला जाना है। इस बार दोनों टक्कर की टीमें फाइनल में पहुंची है और उनके बीच अच्छे मुकाबले की उम्मीद है।
लेकिन आईपीएल में कई बार फाइनल मुकाबले काफी एकतरफा हुए है जिससे फैंस को निराशा झेलनी पड़ी है। तो चलिए जानते हैं आईपीएल के इतिहास के टॉप 3 सबसे बोरिंग फाइनल के बारे में?
आईपीएल इतिहास के टॉप 3 सबसे एकतरफा फाइनल
1. कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद (2024 फाइनल)
आईपीएल 2024 का फाइनल लीग के इतिहास का सबसे एकतरफा फाइनल रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच अच्छे फाइनल की उम्मीद थी। क्योंकि, दोनों काफी अच्छा क्रिकेट खेल रही थी। उन्होंने ही टी20 क्रिकेट को बदलने का ट्रेंड शुरू किया था।
लेकिन फाइनल में मिचेल स्टार्क और वरुण चक्रवर्ती की धारदार गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स मात्र 113 रनों पर सिमट गई थी। कोलकाता ने वेंकटेश अय्यर को तूफानी पारी के चलते मात्र 11वें ओवर में ही रन चेस पूरा कर लिया था। गेंदों के लिहाज से फाइनल में यह सबसे बड़ी जीत थी।
2. चेन्नई सुपर किंग्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (2011 फाइनल)
चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल की सबसे सफल टीम हैं। उन्होंने 5 बार ट्रॉफी अपने नाम की है। 2011 में उन्होंने बेंगलुरु को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल जीता था।
चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मुरली विजय के 95 और माइकल हसी ने अर्धशतक लगाया। दोनों ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की थी। उसके बाद धोनी और रैना की तेज पारियों की बदौलत चेन्नई ने 205 रन बनाए थे। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए जीत की एकमात्र उम्मीद क्रिस गेल थे। क्योंकि, वो उस सीजन बहुत शानदार फॉर्म में थे और ऑरेंज कैप होल्डर भी थे।
लेकिन धोनी ने अपनी कप्तानी की तरकश से एक और तीर निकाला। रविचंद्रन अश्विन जो पावरप्ले में आखिरी ओवरों में गेंदबाजी करते थे उन्हें पहले ही ओवर थमा दिया। अश्विन ने दूसरी गेंद पर ही गेल को कैच आउट कर दिया और उसके बाद तो विकेटों की झड़ी सी लग गई। अंत में सौरभ तिवारी ने अर्धशतक लगाया लेकिन वो सिर्फ हार के अंतर को कम कर रहे थे। चेन्नई ने 48 रनों से यह मैच अपने नाम कर लिया और लगातार दूसरा खिताब जीत लिया।
3. चेन्नई सुपर किंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद (2018 फाइनल)
चेन्नई सुपर किंग्स दो साल के बैन के बाद वापस आ रही थी। उनकी टीम में बहुत से सीनियर खिलाड़ी थे जिसके चलते उन्हें डैड्स आर्मी का टैग दिया गया था। लेकिन उन्होंने शानदार क्रिकेट खेलते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले खेलते हुए कार्लोस ब्रेथवेट की छोटी लेकिन इंपैक्टफुल पारी खेलकर टीम को 176 रनों तक पहुंचाया था। चेन्नई की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी।
पिछले मैच के हीरो डुप्लेसिस सस्ते में आउट हो गए गए। वाटसन 10 गेंदों तक बल्ला लगाने में संघर्ष कर रहे थे लेकिन उसके बाद उन्होंने अपने गियर बदलें और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए अगली 47 गेंदों में 117 रन जड़कर चेन्नई को तीसरा खिताब जीता दिया। सुपर किंग्स ने भले ही 11 गेंद पहले मैच जीता था लेकिन मुकाबला 10 ओवर के बाद ही खत्म हो गया था।
क्रिकेट से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi पर विजिट करते रहें और हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

