बांग्लादेश क्रिकेट इस समय काफी बुरे दौर से गुजर रहा है। हर तरफ से समस्याएं सामने आ रही हैं और हालात संभलने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। शुरुआत देश में चल रही राजनीतिक और सामाजिक हलचल से हुई, जिसका असर क्रिकेट पर भी पड़ा। बोर्ड के अंदर ही खींचतान शुरू हो गई और दूसरे क्रिकेट बोर्ड्स के साथ रिश्ते भी खराब होने लगे।
बांग्लादेश में 7 खिलाड़ियों ने की फिक्सिंग
इसके बाद खिलाड़ियों ने भी बोर्ड के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि टीम को सरकार के दबाव में टी20 वर्ल्ड कप से अपना नाम तक वापस लेना पड़ा। वहीं, बीसीबी ने नयी लीग शुरू करने की सोची। WBPL भी पैसों और स्पॉन्सर की कमी की वजह से टल गई।
इसी बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। चटगांव में एक लोकल टूर्नामेंट के दौरान 7 खिलाड़ियों पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा। बताया गया कि खिलाड़ियों ने जानबूझकर खराब खेला और यहां तक कि खुद को चोट भी पहुंचाई ताकि मैच का रिजल्ट बदला जा सके।
कोच को भी किया गया 5 साल के लिए बैन
इस मामले में खिलाड़ियों के साथ उनके कोच पर भी सख्त कार्रवाई हुई। कोच को 5 साल के लिए क्रिकेट से बैन कर दिया गया। अब अधिकारी इस तरह के मामलों पर बिल्कुल सख्त हो गए हैं। ये पहली बार नहीं है।
इससे पहले भी बांग्लादेश प्रीमियर लीग में ऐसे कई फिक्सिंग के मामले सामने आ चुके हैं। कुछ बड़े अधिकारियों के नाम भी इसमें जुड़े थे, यहां तक कि एक वीडियो में उन्हें संदिग्ध लोगों के साथ मीटिंग करते हुए देखा गया था।
ऑन फील्ड भी खराब रहा हैं बांग्लादेश का प्रदर्शन
इन सबका असर टीम के प्रदर्शन पर भी दिख रहा है। टीम टेस्ट रैंकिंग में निचले पायदान पर है और ज्यादा वनडे मैच भी नहीं खेल पा रही है। हालांकि, पाकिस्तान के खिलाफ हाल ही में सीरीज जीतने से थोड़ी उम्मीद जगी है। बांग्लादेश भविष्य में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड WBPL लीग को दोबारा शुरू करने की कोशिश करेगा। इसके अलावा भारत के साथ रिश्ते सुधारने की भी कोशिश कर रहा है। सीधे शब्दों में कहें तो बांग्लादेश क्रिकेट अभी मुश्किल में है, लेकिन अगर सही कदम उठाए गए तो चीजें सुधर सकती हैं।

