BCCI रिटायर्ड खिलाड़ियों को IPL में अनकैप्ड की कैटेगरी में रखने का विचार कर रही है।
आईपीएल (IPL) के फ्रैंचाइजी मालिकों और अधिकारियों के हवाले से मिली खबर अनुसार, बीसीसीआई (BCCI) रिटेंशन नियमों से सम्बंधित अपनी घोषणा को महीने के अंत तक टाल सकता है। माना जा रहा है कि, 29 सितंबर को बेंगलुरु में होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक के समय यह पॉलिसी सार्वजनिक हो सकती है। हालाँकि, वार्षिक बैठक का आईपीएल की नीतियों से कोई भी लेना-देना नहीं है, लेकिन सूत्रों की मानें तो, बीसीसीआई अगले कुछ दिनों में रिटेंशन पॉलिसी जारी करके सभी को चौंका सकती है।

आईपीएल अधिकारियों के बीच चल रही अंदरूनी बातचीत के अनुसार, इस घोषणा में कम से कम 10 दिन से दो सप्ताह लग सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अब कोई औपचारिक बातचीत नहीं की गई है, लेकिन जिन फ्रेंचाइजियों ने हाल ही में रिटेंशन नियमों के बारे में बीसीसीआई अधिकारियों से संपर्क किया है, उन्होंने देरी का संकेत दिया है।
बीसीसीआई द्वारा रिटेंशन पॉलिसी की घोषणा चाहे जब हो, लेकिन अब यह समझा जा रहा है कि फ्रेंचाइजियों के पास अपने रिटेंशन के फैसलों को अंतिम रूप देने के लिए 15 नवंबर तक का समय हो सकता है। इसके अलावा, संभावित रूप से दिसम्बर में होने वाले ऑक्शन में बीसीसीआई राइट टू मैच (RTM) का विकल्प भी पेश करेगी।
रिटायर्ड खिलाड़ियों को अनकैप्ड की कैटेगरी में रखने का विचार कर रही है BCCI

यह भी माना जा रहा है कि बीसीसीआई रिटायर्ड अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को अनकैप्ड की कैटेगरी में रखने के कदम पर विचार कर रही है, लेकिन यह बहस का विषय है कि क्या इससे नीलामी राशि पर कोई बड़ा असर पड़ेगा। यह नीति विशेष रूप से एमएस धोनी (MS Dhoni) को ‘अनकैप्ड’ कैटेगरी में रखने और चेन्नई सुपर किंग्स की मदद करने के उद्देश्य से नहीं हो सकती है, क्योंकि अगर धोनी एक और सीजन खेलते हैं तो यह लीग के हित में भी है।
इसके अलावा, CSK के अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर धोनी अगले सीजन में खेलने का फैसला करते हैं, तो वह उनके रिटेंशन में से एक होंगे, भले ही BCCI केवल दो रिटेंशन की अनुमति दे। दिलचस्प बात यह है कि इस फैसले से अन्य खिलाड़ियों के अलावा सुनील नरेन (Sunil Narine) जैसे खिलाड़ी भी प्रभावित हो सकते हैं, जिन्होंने कुछ समय पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, उन्होंने आखिरी बार 2019 में टी20 मैच खेला था।

आम धारणा यह है कि सेवानिवृत्त खिलाड़ियों को नीलामी राशि से बाहर करने से नीलामी राशि पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि बीसीसीआई रिटेन किए गए खिलाड़ियों की संख्या के आधार पर पर्स से एक प्रतिशत की कटौती करेगा, जिससे फ्रेंचाइजी को प्रत्येक रिटेन किए गए खिलाड़ी का मूल्य निर्धारित किए बिना खिलाड़ियों की कीमत निर्धारित करने की अनुमति मिल जाएगी, जैसा कि वर्तमान समय में किया जा रहा है।

