Indian Football Team Faces Asian Games 2026 Snub After Sports Ministry’s Strict Guidelines: भारतीय फुटबॉल टीम के लिए एशियन गेम्स 2026 में खेलने की राह मुश्किल हो गई है। खेल मंत्रालय ने बुधवार को नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें साफ कहा गया है कि केवल वही टीमें एशियन गेम्स में भेजी जाएंगी, जो एशिया में टॉप-8 में आती हों या जिनमें मेडल जीतने की प्रबल संभावना हो।
इस नियम के बाद भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम का खेलना लगभग नामुमकिन लग रहा है, क्योंकि वह एशिया में 24वें स्थान पर है, जबकि महिला टीम फिलहाल 12वें स्थान पर है।
एशियन गेम्स 2026 और नई गाइडलाइंस
एशियन गेम्स 2026 जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच आयोजित होंगे। खेल मंत्रालय ने जो गाइडलाइंस जारी की हैं, उनमें साफ कहा गया है कि टीम स्पोर्ट्स जैसे फुटबॉल और हॉकी के लिए या तो टीम का एशियाई रैंकिंग में टॉप-8 में होना जरूरी है या पिछले 12 महीनों में हुई एशियन चैंपियनशिप में टॉप-8 में फिनिश करना जरूरी है। मंत्रालय का साफ कहना है कि केवल वही खिलाड़ी या टीमें भेजी जाएंगी, जिनसे मेडल की उम्मीद हो।
पुरुष टीम की मौजूदा स्थिति
भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम फिलहाल फीफा रैंकिंग में 134वें स्थान पर है और एशिया में उसका रैंक 24वां है। हाल ही में हुए एशियन कप में टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी, जिससे उनकी रैंकिंग में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ। इस स्थिति में नई गाइडलाइंस के हिसाब से उन्हें एशियन गेम्स के लिए क्लियरेंस मिलने की संभावना बेहद कम है।
महिला टीम की संभावनाएं
महिला टीम फिलहाल एशिया में 12वें स्थान पर है। हालांकि वह टॉप-8 में नहीं आती, लेकिन उनके पास रैंकिंग सुधारने का मौका है। मार्च 2026 में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले एशियन कप में अच्छा प्रदर्शन करके वह टॉप-8 में जगह बना सकती हैं। अगर टीम वहां अच्छा खेलती है, तो गाइडलाइंस के हिसाब से उन्हें एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिल सकता है।
2018 और 2023 एशियन गेम्स का अनुभव
यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय फुटबॉल टीम को एशियन गेम्स में खेलने को लेकर दिक्कत आई हो। 2018 में भी इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने पुरुष टीम को अनुमति देने से इनकार कर दिया था क्योंकि टीम एशिया में टॉप-8 में नहीं थी। 2023 में हांगझोउ गेम्स के दौरान भी यही स्थिति बनी थी, लेकिन सरकार ने आखिरी समय में नियमों में छूट देकर टीम को भाग लेने की अनुमति दे दी थी।
नियमों में छूट का विकल्प
नई गाइडलाइंस में एक ‘रिलैक्सेशन क्लॉज’ भी रखा गया है। इसके मुताबिक अगर किसी खेल के विशेषज्ञ और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) यह सिफारिश करते हैं कि टीम को मौका दिया जाना चाहिए, तो मंत्रालय उस पर विचार कर सकता है। यानी भारतीय फुटबॉल टीम के लिए अभी भी उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अगर AIFF (ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन) मजबूत तर्क देकर मंत्रालय को समझा पाती है, तो टीम को खेलने का मौका मिल सकता है।
आगे का रास्ता
AIFF फिलहाल 2031 एशियन कप की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और साथ ही पुरुष और महिला टीमों के लिए अधिक इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स आयोजित कर रहा है, ताकि टीम की रैंकिंग में सुधार हो सके। एशियन गेम्स में खेलने के लिए जरूरी होगा कि आने वाले महीनों में टीम अच्छा प्रदर्शन करे और रैंकिंग में ऊपर आए, ताकि मंत्रालय को उन्हें भेजने का ठोस कारण मिल सके।
खेल मंत्रालय की सख्त गाइडलाइंस ने भारतीय फुटबॉल टीम के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। पुरुष टीम की रैंकिंग मौजूदा समय में उन्हें एशियन गेम्स के लिए अयोग्य बनाती है, जबकि महिला टीम के पास रैंकिंग सुधारने का समय है। आने वाले महीनों में टीमों का प्रदर्शन ही तय करेगा कि वे एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेंगी या नहीं।
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