क्रिकेट का कोई भी फॉर्मेट हो उसमें सेंचुरी लगाना ही मुश्किल होता है। लेकिन अब मॉडर्न डे क्रिकेट इतना आगे जा चुका है कि व्हाइट बॉल में अब शतक लगाना बच्चों का खेल हो गया है। वनडे में अभी भी डबल सेंचुरी कभी-कभी लगती है और ट्रिपल सेंचुरी की तो बात ही छोड़ दो। हालांकि अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी ने 50 ओवरों के फॉर्मेट में तिहरा शतक जड़ दिया है। तो चलिए जानते हैं कौन है वो खिलाड़ी?
हरजस सिंह ने जड़ा तिहरा शतक

आपको बता दें, कि यह खिलाड़ी कोई और नहीं ऑस्ट्रेलिया की पिछली बार की अंडर-19 टीम के विजेता हरजस सिंह हैं। भारतीय मूल के इस खिलाड़ी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए धमाल मचा दिया है। युवा बल्लेबाज ने न्यू साउथ वेल्स प्रीमियर फर्स्ट-ग्रेड क्रिकेट में तिहरा शतक लगाया है। 50 ओवर के फॉर्मेट में वो ट्रिपल सेंचुरी लगाने वाले मात्र तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं।
हरजस ने लगाए अपनी पारी में 35 छक्के
हरजस सिंह ने न्यू साउथ वेल्स प्रीमियर फर्स्ट ग्रेड क्रिकेट में वेस्टर्न सबर्ब्स की टीम का प्रतिनिधित्व किया था। उनकी धमाकेदार पारी को इसी बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने अपना पचासा सिर्फ 33 गेंदों में पूरा कर लिया और मात्र 102 गेंदों में दोहरा शतक जड़ दिया था। यही नहीं, अंतिम 23 गेंदों में तो इस बल्लेबाज ने गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया और 88 रन बटोरे। जिसके चलते इस युवा खिलाड़ी ने 141 गेंदों में 314 रन बनाए।
उनकी इस धुआंधार पारी में 35 छक्के शामिल थे। इस दौरान उन्होंने 12 चौके भी लगाए। हरजस ने सिर्फ बाउंड्री के चलते ही 258 रन जड़े थे। इस युवा खिलाड़ी ने अपनी पारी के लगभग 80 प्रतिशत रन सिर्फ बाउंड्री की मदद से बनाए थे।
तिहरा शतक लगाने वाले बने तीसरे खिलाड़ी
हरजस उस खास सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में ट्रिपल सेंचुरी लगाई है। उनके अलावा विक्टर ट्रंपर ने साल 1903 में ट्रिपल सेंचुरी लगाई थी और उसके बाद फील जैक्स ने साल 2007 में यह खास उपलब्धि हासिल की थी। विक्टर ने 335 तो वहीं जैक्स ने 321 रन बनाए थे।
चंडीगढ़ से है परिवार का संबंध
हरजस सिंह का जन्म सिडनी में हुआ था, लेकिन उनकी जड़ें भारत में हैं। उनके माता-पिता मूल रूप से चंडीगढ़ के हैं और 2000 में भारत से ऑस्ट्रेलिया आकर बस गए थे। उनके पिता इंद्रजीत सिंह राज्य स्तरीय मुक्केबाज़ी चैंपियन थे, जबकि उनकी माँ राज्य स्तरीय लंबी कूद की खिलाड़ी थीं। हरजस ने क्रिकेट को अपना करियर चुना और 8 साल की उम्र से खेल रहे हैं।
हरजस की मेहनत रंग भी लाई थी और उन्हें साल 2024 में हुए अंडर 19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की टीम में जगह दी गई थी। जहाँ उन्होंने फाइनल में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया था और अपनी टीम को फाइनल जिताने में मदद की थी। उनकी इस पारी की अहमियत इस बात से समझी जा सकती है कि दोनों टीम में से सिर्फ वो एकलौते खिलाड़ी थे जिन्होंने पचासा लगाया था।

