फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में कई बार छोटी टीमों ने दिग्गज टीमों को हराकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) को दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट माना जाता है, लेकिन इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां किसी भी दिन बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। कई बार ऐसी टीमों ने जीत दर्ज की है, जिनसे किसी को उम्मीद नहीं थी और उन्हीं मुकाबलों ने वर्ल्ड कप को और ज्यादा रोमांचक बनाया है।
फुटबॉल इतिहास में अर्जेंटीना, ब्राजील, जर्मनी, फ्रांस और इटली जैसी बड़ी टीमों को भी छोटी टीमों के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। इन मुकाबलों ने साबित किया कि वर्ल्ड कप में सिर्फ नाम नहीं, बल्कि उस दिन का प्रदर्शन मायने रखता है। आइए जानते हैं फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के 10 सबसे बड़े अपसेट्स के बारे में।
ये हैं FIFA वर्ल्ड कप इतिहास के 10 सबसे बड़े अपसेट
1. अर्जेंटीना 1-2 सऊदी अरब, 2022
फीफा वर्ल्ड कप 2022 का यह मुकाबला इतिहास के सबसे बड़े अपसेट्स में गिना जाता है। लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना टीम टूर्नामेंट जीतने की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही थी और मैच की शुरुआत में मेसी ने पेनल्टी पर गोल करके टीम को बढ़त भी दिला दी थी।
हालांकि दूसरे हाफ में सऊदी अरब ने शानदार वापसी की और कुछ ही मिनटों में लगातार दो गोल करके पूरी दुनिया को चौंका दिया। अर्जेंटीना की मजबूत टीम इसके बाद वापसी नहीं कर सकी और सऊदी अरब ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।
यह जीत सिर्फ सऊदी अरब के लिए नहीं, बल्कि पूरे एशियाई फुटबॉल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी गई। दिलचस्प बात यह रही कि इस हार के बावजूद अर्जेंटीना ने बाद में शानदार वापसी करते हुए वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीत ली।
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2. जर्मनी 1-2 जापान, 2022
फीफा वर्ल्ड कप 2022 में जापान ने जर्मनी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। जर्मनी मैच में शुरुआत से मजबूत नजर आ रहा था और टीम ने पहले हाफ में बढ़त भी बना ली थी।
हालांकि दूसरे हाफ में जापान ने पूरी तरह मैच का रुख बदल दिया। टीम ने तेज अटैक और शानदार फिनिशिंग की मदद से लगातार दो गोल दाग दिए और जर्मनी को संभलने का मौका नहीं दिया।
यह जीत जापान फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में गिनी जाती है। वहीं जर्मनी के लिए यह हार काफी भारी साबित हुई और टीम लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई।
3. फ्रांस 0-1 सेनेगल, 2002
फीफा वर्ल्ड कप 2002 के उद्घाटन मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस को सेनेगल के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। फ्रांस उस समय दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिना जाता था और टीम के पास कई बड़े स्टार खिलाड़ी मौजूद थे।
सेनेगल पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहा था, लेकिन टीम ने बिल्कुल भी दबाव नहीं दिखाया। पापा बूबा डियोप ने मैच का एकमात्र गोल किया और सेनेगल ने 1-0 से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।
इस हार के बाद फ्रांस पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष करता नजर आया और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया। वहीं सेनेगल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया।
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4. अर्जेंटीना 0-1 कैमरून, 1990
डिएगो माराडोना की कप्तानी वाली अर्जेंटीना टीम वर्ल्ड कप 1990 की डिफेंडिंग चैंपियन थी। ऐसे में टूर्नामेंट के पहले मैच में कैमरून के खिलाफ उनकी हार ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था।
कैमरून ने बेहद आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाया। फ्रांस्वा ओमाम बियिक के गोल की बदौलत टीम ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराया और वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बड़े अपसेट्स में अपना नाम दर्ज करा लिया।
इस जीत के बाद कैमरून ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया और अफ्रीकी फुटबॉल को नई पहचान दिलाई। वहीं अर्जेंटीना बाद में वापसी करते हुए फाइनल तक पहुंचा, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सका।
5. इंग्लैंड 0-1 यूएसए, 1950
फीफा वर्ल्ड कप 1950 में इंग्लैंड को दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिना जाता था। दूसरी तरफ यूएसए की टीम को ज्यादा मजबूत नहीं माना जा रहा था और ज्यादातर लोगों को एकतरफा मुकाबले की उम्मीद थी।
हालांकि, उस मैच में यूएसए ने शानदार डिफेंसिव खेल दिखाया और जो गेटजेंस के गोल की बदौलत 1-0 से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली। यह हार उस दौर के सबसे बड़े फुटबॉल झटकों में से एक मानी गई थी।
इस मुकाबले के बाद यूएसए टीम पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई। आज भी इस मैच को फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे चौंकाने वाले नतीजों में गिना जाता है।
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6. इटली 0-1 उत्तर कोरिया, 1966
दो बार की वर्ल्ड कप चैंपियन इटली टीम को वर्ल्ड कप 1966 में उत्तर कोरिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। उत्तर कोरिया पहली बार टूर्नामेंट खेल रहा था और किसी को उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।
पाक डू इक ने मैच का एकमात्र गोल किया और उत्तर कोरिया ने 1-0 से जीत दर्ज कर ली। इस हार के बाद इटली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई और पूरे देश में इस नतीजे को लेकर भारी निराशा देखने को मिली।
उत्तर कोरिया ने इसके बाद क्वार्टर फाइनल में भी शानदार खेल दिखाया और एक समय पुर्तगाल के खिलाफ 3-0 की बढ़त बना ली थी। हालांकि बाद में टीम मुकाबला हार गई।
7. पश्चिम जर्मनी 1-2 अल्जीरिया, 1982
फीफा वर्ल्ड कप 1982 में अल्जीरिया पहली बार टूर्नामेंट खेल रहा था, जबकि पश्चिम जर्मनी टूर्नामेंट जीतने की सबसे बड़ी दावेदार टीमों में शामिल था। ऐसे में अल्जीरिया की जीत ने पूरी फुटबॉल दुनिया को हैरान कर दिया।
राबाह माजेर और लखदार बेलूमी ने शानदार गोल करते हुए अल्जीरिया को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह अफ्रीकी फुटबॉल के सबसे बड़े पलों में से एक माना जाता है।
हालांकि, अल्जीरिया ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सका, लेकिन इस जीत ने पूरी दुनिया में टीम की पहचान बना दी। वहीं पश्चिम जर्मनी बाद में फाइनल तक पहुंच गया था।
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8. इटली 0-1 कोस्टा रिका, 2014
फीफा वर्ल्ड कप 2014 में कोस्टा रिका को सबसे कमजोर टीमों में गिना जा रहा था, क्योंकि उनके ग्रुप में इटली, इंग्लैंड और उरुग्वे जैसी दिग्गज टीमें मौजूद थीं।
हालांकि, कोस्टा रिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले उरुग्वे और फिर इटली को हराकर सबको चौंका दिया। ब्रायन रूइज के गोल की बदौलत टीम ने इटली के खिलाफ 1-0 से जीत दर्ज की।
कोस्टा रिका ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया और क्वार्टर फाइनल तक पहुंच गया। गोलकीपर केलर नावास उस टूर्नामेंट के सबसे बड़े स्टार खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरे।
9. दक्षिण कोरिया 2-1 इटली, 2002
फीफा वर्ल्ड कप 2002 के प्री क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया ने इटली को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इटली टीम में कई बड़े स्टार खिलाड़ी मौजूद थे और टीम को मुकाबले का स्पष्ट फेवरेट माना जा रहा था।
दक्षिण कोरिया ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार संघर्ष किया और एक्स्ट्रा टाइम में आहन जुंग ह्वान ने गोल करके टीम को 2-1 से जीत दिला दी। यह जीत एशियाई फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े पलों में से एक मानी जाती है।
इस जीत के बाद दक्षिण कोरिया ने स्पेन को भी हराया और सेमीफाइनल तक पहुंच गया। यह किसी एशियाई टीम का वर्ल्ड कप में सबसे शानदार प्रदर्शन माना जाता है।
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10. स्पेन 2-3 नाइजीरिया, 1998
फीफा वर्ल्ड कप 1998 में स्पेन टीम को मजबूत दावेदार माना जा रहा था। दूसरी तरफ नाइजीरिया सिर्फ अपना दूसरा वर्ल्ड कप खेल रहा था, लेकिन टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक फुटबॉल खेला।
मुकाबले में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन आखिर में संडे ओलिसेह ने शानदार गोल करके नाइजीरिया को 3-2 से जीत दिला दी। इस हार ने स्पेन को भारी नुकसान पहुंचाया।
नाइजीरिया की इस जीत ने पूरी दुनिया का ध्यान अफ्रीकी फुटबॉल की तरफ खींचा। उस टीम में जे जे ओकोचा और न्वानको कानू जैसे खिलाड़ी भी शामिल थे, जिन्होंने बाद में यूरोपियन फुटबॉल में बड़ी पहचान बनाई।
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