ऑनलाइन गेमिंग का मार्केट भारत में है कुछ ऐसा

बीते महीने में वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि अक्टूबर 2023 से ऑनलाइन गेमिंग में करीब 28 प्रतिशत जीएसटी की दर लागू हो जाएगी।

हिंदुस्तान इस वक्त ऑनलाइन गेंमिंग में अन्य देशों की तुलना में काफी आगे पहुंच गया है। वर्तमान समय में हिंदुस्तानी बच्चों पर ही नहीं बल्कि व्यस्क लोग भी इसके चस्के से नहीं बच पा रहे हैं। एक हिसाब में मान सकते हैं कि हमारे देश में दिन प्रतिदिन गेमिंग का कच्लर बढ़ रहा है। फिलहाल आजकल इसकी चर्चा जीएसटी के कारण ज्यादा होने लगी है। बीते महीने में वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि अक्टूबर 2023 से ऑनलाइन गेमिंग में करीब 28 प्रतिशत जीएसटी की दर लागू हो जाएगी। जिस दिन से इस पर जीएसटी लागू होगा उसके ठीक छह महीने के बाद इस पर रिव्यू किया जाएगा।

भारत में ऑनलाइन गेमिंग का बढ़ता व्यापार 

एक रिपार्ट में मूताबिक साल 2019 के दौरान भारत में ऑनलाइन गेंमिंग का बाजार 37.65 बिलियन डॉलर था। इस क्षेत्र से जुड़े हुए लोगों का मानना है कि साल 2025 तक ये 122.05 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके अलावा स्टेटिका की रिपोर्ट का भी मानना है कि साल 2023-24 तक भारत में ऑनलाइन गेमिंग का मार्केट 120 बिलियन तक पहुंच सकता है। गौरतलब है कि साल 2018 में इसका कारोबार 43.8 बिलियन डॉलर के करीब था। दूसरी तरफ केपीएमजी की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि हिंदुस्तान में ऑनलाइन गेमिंग सेगमेंट आने वाले सालों में 2021 से 2025 के बीच 21 फीसदी की ग्रोथ होगी। अगर इसके रूपये के हिसाब से समझे तो ये 29 हजार करोड़ रूपये तक होने वाला है।

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इतने है गेम के दिवाने

भारत में इस वक्त जिस तरह से गेमिंग का असर बच्चों पर पड़ रहा है, वाकई में वो चिंता का विषय है। इसके लिए कई बार चर्चाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन वो चर्चा जमीनी स्तर पर काम नहीं करती है। एक बार राज्यसभा के नेता सुशील कुमार मोदी ने इसके लिए सदन में आवाज भी उठाई। इस दौरान उन्होंने भारत में बढ़ रहे ऑनलाइन गेमिंग के बारे में चिंता व्यक्त की थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि आज भारत में 43 करोड़ से अधिक लोग ऑनलाइन गेम खेल रहे हैं। साल 2025 तक इन यूजर्स की संख्या बढ़ जाएगी और उस वक्त भारत में करीब 65.7 करोड़ लोग ऑनलाइन गेम खेल रहे होंगे। कोरोना महामारी के बाद इस संख्या में जमकर ईजाफा हुआ है। कोविड 19 महामारी से पहले मोबाईल पर गेम खेलने वालों का साप्तहिक समय औसतन 2.5 घंटे का था। लॉकडाउन के बाद ये समय बढ़कर 5 घंटे हो गया है।

free fire

भारत में दिन प्रतिदिन बढ़ रहे इस ऑनलाइन गेम के प्रभाव को कई लोग चिंता का सबब बता रहे हैं। खासकर भारतीय युवाओं को इसके प्रति हो रही लत बेहद परेशान करने वाली बात है। इसके लिए तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जसे राज्यों ने तो ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध भी लगा दिए थे, लेकिन इन राज्यों में मौजूद उच्च न्यायालय ने इस पर रोक लगाते हुए नियम को खारिज कर दिया था।

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