India Skating Gold: भारत के आनंदकुमार वेलकुमार ने चीन के बेइदाइहे में चल रही स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। इस समय भारत के आनंदकुमार वेलकुमार ने स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में 1000 मीटर स्प्रिंट में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। इसके अलावा यह भारत का इस प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक है। क्यूंकि इससे पहले उन्होंने 500 मीटर स्प्रिंट में ब्रॉन्ज जीता था। जबकि जूनियर वर्ग में कृष शर्मा ने भी गोल्ड जीता है।
आनंदकुमार वेलकुमार ने जीता गोल्ड :-

चीन के बेइदाइहे में चल रही स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में भारत के आनंदकुमार वेलकुमार ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। इस बार भारत के 22 वर्षीय आनंदकुमार ने सीनियर पुरुषों की 1000 मीटर स्प्रिंट रेस में 1:24.924 मिनट का समय लेकर पहला स्थान हासिल किया है। इसके चलते हुए उन्होंने भारत को इस प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक दिला दिया है।
स्पीड स्केटिंग खेल में भारत ने दिखाई अपनी ताकत :-
इस बीच हम यहां बता देना चाहते हैं कि इससे पहले भी उन्होंने इसी चैंपियनशिप में 500 मीटर स्प्रिंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को पहला सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक दिलाया था।

तब इस रेस को उन्होंने 43.072 सेकंड में पूरा किया था। तभी तो अब ऐसे में उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से यह साफ हो गया है कि अब भारत सिर्फ क्रिकेट या बैडमिंटन में ही नहीं, बल्कि स्पीड स्केटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण खेलों में भी दुनिया की बड़ी ताकत बनता जा रहा है।
कृष शर्मा भी जीत चुके हैं गोल्ड मेडल :-

इस खेल में इतना ही नहीं भारत के लिए यह गर्व की बात यहीं नहीं रुकी है। इसके अलावा जूनियर कैटेगरी में युवा स्केटर कृष शर्मा ने भी 1000 मीटर स्प्रिंट में गोल्ड मेडल जीतकर यह साबित कर दिया है कि भारत का भविष्य स्केटिंग में भी बेहद उज्ज्वल है।
किरेन रिजिजू ने दिया बयान :-
इसके बाद भारत की स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में पहली जीत पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी बात रखी है। इस बार उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा है कि भारतीय खेलों के लिए गर्व का पल! आनंदकुमार वेलकुमार ने स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में 1000 मीटर स्प्रिंट में गोल्ड जीता है।

इस बीच भारत की तरफ से इस तरह की ऐतिहासिक उपलब्धि से यह साफ हो गया है कि अब भारतीय खिलाड़ी दुनिया के किसी भी मंच पर पीछे नहीं हैं। क्यूंकि आनंदकुमार की इस जीत ने आने वाली पीढ़ियों को न सिर्फ प्रेरणा दी है, बल्कि यह भी बता दिया है कि सपने अगर बड़े हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई मंज़िल दूर नहीं। इसके अलावा यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं बल्कि 130 करोड़ भारतीयों की जीत है। यह एक ऐसा पल है जिस पर पूरा देश गर्व कर सकता है।
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