IPL के मैच इस समय पूरे जोश और रोमांच के साथ चल रहे हैं। बल्लेबाज शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं, जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा और भी बड़े शॉट्स और रिकॉर्ड देखने को मिल सकते हैं। स्टेडियम दर्शकों से भरे हुए हैं साथ ही टीवी पर हर जगह विज्ञापन ही विज्ञापन दिखाई दे रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी IPL का जलवा बना हुआ है।
इस आर्टिकल में हम अपको एक IPL मैच कराने में कितना खर्च होता है? पैसा कहां से आता और ब्रॉडकास्टर एक मैच से कितना कमाता है और BCCI को कितना मिलता है , इसके बारे में बताएँगे।
1. टिकटों से होती सबसे बड़ी कमाई:
मैचों से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा टिकट बिक्री से भी आता है। हर मुकाबले में आयोजक टिकटों के जरिए करीब 5 से 40 करोड़ रुपये तक कमा लेते हैं। हालांकि यह आंकड़ा स्टेडियम की क्षमता, टीम की लोकप्रियता और मैच की मांग जैसी कई बातों पर निर्भर करता है।
अगर प्रतिशत के हिसाब से देखें, तो कुल कमाई में टिकट बिक्री की हिस्सेदारी लगभग 5 से 15 प्रतिशत तक होती है। यह पूरा राजस्व मेजबान टीम को मिलता है। कुल मिलाकर, एक मैच से टिकटों के जरिए लगभग 15 से 35 करोड़ रुपये तक की कमाई हो सकती है।
2. प्रायोजक बने कमाई का सबसे बड़ा जरिया
केंद्रीय प्रायोजक: यह प्रायोजक सीधे बीसीसीआई से अनुबंधित होते हैं। जैसे टाइटल स्पॉन्सर मतलब टाटा आईपीएल ऐसे में टाटा से पूरी रकम बीसीसीआई के पास जाएगी। इसमें से एक तय हिस्सा सभी टीमों में बराबर-बराबर बंटता है. अगर प्रतिशत में बात करें, तो एक मैच की प्रायोजन राशि का करीब 5-10 % हिस्सा बोर्ड सभी टीमों में बराबर बांटता है।
टीम के प्रायोजक: हर टीम अपनी ओर से प्रायोजक ढूंढने के लिए स्वतंत्र है। अपना टाइटल स्पॉन्सर, जिसका बड़ा लोगो टीम की शर्ट के अलावा कई जगह होता है। इससे हर टीम हर साल करीब 3-10 करोड़ रुपये की कमाई करती है और यह पूरी तरह से फ्रेंचाइजी की कमाई होती है।
3. मीडिया राइट्स
सबसे ज्यादा पैसा मीडिया राइट्स से आता है. जी हां, उसी पैसे से, जिसके लिए ब्रॉडकास्टरों (स्टार-स्पोर्ट्स और जियो) टीवी और डिजिटल राइट्स के लिए बीसीसीआई को 2023-27 तक करीब पचास हजार करोड़ रुपये चुकाएंगे. ऐसे में हर मैच से बोर्ड के खजाने में करीब 105 से लेकर 118 करोड़ रुपये मीडिया राइट्स से आते हैं।
रविवार को दो मैच हुए, तो बोर्ड को मीडिया राइट्स से ही इन दो मैचों का शेयर 210-236 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस पैसे को BCCI टीमों में बांटता है। अगर प्रतिशत के हिसाब से बात करें, तो कुल कमाई का 35 से 40 % पैसा पहले बीसीसीआई के पास जाता है और फिर यहां से आगे बंटता है। इसमें से 18 से 20 % BCCI का हिस्सा होता है, तो इतना ही फ्रेंचाइजी का हिस्सा होता है. मतलब 50-60 करोड़ रुपये बोर्ड के खाते में जाते हैं, तो इतना ही पैसा सभी 10 टीमों में बराबर बंटता है।
4. विज्ञापन से होती बंपर कमाई
हर IPL मैच में विज्ञापनों की भरमार रहती है, और यही ब्रॉडकास्टर की कमाई का सबसे बड़ा जरिया होता है। एक मुकाबले से ब्रॉडकास्टर को करीब 120 से 160 करोड़ रुपये तक की आय हो जाती है। यह पैसा टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए आता है और पूरी तरह ब्रॉडकास्टर के पास ही रहता है इसमें फ्रेंचाइजी का कोई हिस्सा नहीं होता।
अगर प्रतिशत के हिसाब से देखें, तो कुल कमाई का लगभग 50 से 55% हिस्सा विज्ञापनों से ही आता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी मैच की कुल कमाई 250 करोड़ रुपये है, तो इसमें से करीब 125 से 140 करोड़ रुपये सीधे ब्रॉडकास्टर के खाते में चले जाते हैं।
5. मेजबान फ्रेंचाइजी को मिलती ज्यादा कमाई
जब कोई टीम अपने घरेलू मैदान पर मैच खेलती है, तो उसकी कमाई दूसरों के मुकाबले ज्यादा होती है। टिकट बिक्री से ही एक फ्रेंचाइजी को पूरे सीजन में करीब 25 से 40 करोड़ रुपये तक मिल जाते हैं। वहीं, स्थानीय स्पॉन्सर्स से हर मैच के लिए लगभग 3 से 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होती है।
इन दोनों को जोड़ें, तो एक घरेलू मैच से मेजबान टीम की कुल कमाई करीब 40 से 50 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।
6. हर मैच के पीछे लाखों-करोड़ों का खर्च
एक IPL मैच को आयोजित करने में कुल मिलाकर करीब 12 से 20 करोड़ रुपये (अनुमानित) तक खर्च हो जाते हैं। यह खर्च मैच की लोकेशन और व्यवस्थाओं के स्तर के हिसाब से बदल सकता है। इसे आसान तरीके से ऐसे समझ सकते हैं:
- स्टेडियम और ग्राउंड की तैयारी: लगभग 1 से 2.5 करोड़ रुपये
- सिक्योरिटी (सबसे बड़े खर्चों में से एक): करीब 1 से 1.5 करोड़ रुपये
- टीम लॉजिस्टिक्स (यात्रा, होटल आदि): लगभग 1.5 से 2.5 करोड़ रुपये
- इवेंट प्रोडक्शन: करीब 1 से 1.5 करोड़ रुपये
- स्टाफ और ऑपरेशन: लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपये
- मैच अधिकारियों का खर्च: करीब 50 लाख रुपये
- लोकल मार्केटिंग: लगभग 1 करोड़ रुपये
- अन्य/मिले-जुले खर्च: करीब 1 करोड़ रुपये
इस तरह, एक मैच को सफलतापूर्वक आयोजित करने के पीछे कई तरह के खर्च शामिल होते हैं, जो मिलकर इसे एक बड़ा आयोजन बनाते हैं।
7. ब्रॉडकास्टर्स से कंपनियों की बड़ी कमाई
हर IPL मैच से ब्रॉडकास्टर को करीब 120 से 160 करोड़ रुपये तक की कमाई होती है। वहीं, प्रोडक्शन और बाकी व्यवस्थाओं पर उसका खर्च लगभग 110 करोड़ रुपये के आसपास आता है।
खर्च के मुकाबले कमाई ज्यादा होने की वजह से ब्रॉडकास्टर का मुनाफा काफी बड़ा होता है। औसतन देखा जाए, तो हर मैच में उसे करीब 50 से 80 करोड़ रुपये तक का फायदा हो जाता है।

